विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024-25 में इकट्ठा किए गए 38865 सैंपल में 12693 अधोमानक पाए गए। इसी तरह 1117 सैंपल मिध्याछाप यानी गलत ब्रांड के थे। खास बात यह है कि 2690 सैंपल पूरी तरह से जहरीले पाए गए, जो मानव सेहत के लिए हानिकारक थे। इन सैंपल में ज्यादातर खोया, पनीर और दूध से बनी अन्य चीजें थी। कुछ सैंपल मसालों के भी थे। हल्दी और मिर्च में केमिकल पाया गया था।
इलाज भी मिलेगा... स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
कांवड़ यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। उपकेंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार की व्यवस्था बनाई जा रही है। मिलावटी खाद्य सामग्री से बीमार होने वाले और डायरिया की चपेट में आने वालों के इलाज की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान उमस ज्यादा रहती है। खाने-पीने की गुणवत्ता सही नहीं होने की वजह से डायरिया, फूड प्वॉयजनिंग का खतरा रहता है। ऐसे में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से इमरजेंसी वार्ड बनाकर कांवड़ यात्रियों के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में पैरासिटामॉल, डायरिया से जुड़ी दवाएं, आई पलूड्स, ओआरएस के पैकेट आदि पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर संवेदनशील स्थलों पर एंबुलेंस मौजूद रहेगी।