खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 18 एफआईआर दर्ज की गईं। 182 खाद्य नमूने लिए गए हैं। करीब 54 लाख की असुरक्षित या अस्वच्छ खाद्य सामग्री जब्त या नष्ट की गई है।
प्रदेश में 20 से शुरू हुए अभियान के तहत बृहस्पतिवार तक 13,440 किलोग्राम और 14,561 लीटर सामग्री जब्त की गई। वहीं 18,607 किलोग्राम और 7,630 लीटर असुरक्षित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 26.09 लाख रुपये तथा नष्ट सामग्री का मूल्य करीब 27.89 लाख रुपये है। यह अभियान कानपुर नगर, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, प्रयागराज, गाजियाबाद, आगरा, हापुड़, फिरोजाबाद, बदायूं, सम्भल और मथुरा समेत 16 जिलों में चलाया गया। एफएसडीए ने केवल नमूना संग्रह तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। मिलावट के गंभीर मामलों में एफआईआर, कारोबार बंद कराने और परिसर सील करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की गई।
प्रमुख शहरों में कार्रवाई
कानपुर नगर में हटिया खोवा मंडी से 18 नमूने लिए गए। यहां 4.30 कुंतल खोया नष्ट कराया गया। कानपुर देहात में रिफाइंड तेल और वनस्पति से खोवा बनाने पर एफआईआर दर्ज हुई। लखनऊ में शिवाक्षी स्वीट्स पर 15 नमूने लिए गए। यहां 686 किलोग्राम सामग्री जब्त हुई और 2,675 किलोग्राम संदूषित पदार्थ नष्ट किया गया।
नकली घी, पनीर और कच्चे माल पर शिकंजा
सम्भल में नकली घी बनाने वाले परिसर पर छापा मारकर करीब 100 कुंतल घी जब्त किया गया। बदायूं में वाहन जांच के दौरान 1,605 किलोग्राम देसी घी जब्त हुआ, जिसकी कीमत 10.53 लाख रुपये है। कासगंज में चार कुंतल और हापुड़ में करीब छह कुंतल पनीर नष्ट कराया गया। मथुरा में रिफाइंड तेल और संदिग्ध रसायनों से पनीर बनाने के तीन मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। अभियान में स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, रिफाइंड तेल और सिंथेटिक रंग जैसे कच्चे माल भी जब्त किए गए।