तीन वर्षों में लगातार बढ़ा रियल एस्टेट
वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। आवासीय इकाइयों की संख्या क्रमश: 55,297, 69,365 और 84,976 रही। वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित 46,049 आवासीय इकाइयों को जोड़ने पर वर्ष 2023 से अब तक कुल 2,55,687 आवासीय इकाइयां बाजार में लाई जा चुकी हैं। पूंजी निवेश वर्ष 2023 में 28,411 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024 में 44,526 करोड़ रुपये और वर्ष 2025 में 68,328 करोड़ रुपये हो गया।
घर खरीददारों को 2,173 करोड़ रुपये दिलाए वापस
यूपी रेरा ने जिला प्रशासन की सहायता से 6,411 मामलों में 1,623 करोड़ रुपये की धनराशि घर खरीददारों के बैंक खातों में वापस कराई गई। रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद बिल्डरों से समझौते के माध्यम से 1,801 आवंटियों को 550.50 करोड़ रुपये दिलाए गए। इस प्रकार कुल 8,212 मामलों में 2,173.78 करोड़ रुपये घर खरीददारों को वापस दिलाए गए।
विवादों का समाधान
- 3,237 मामलों में रेरा पीठों के माध्यम से 1,958 करोड़ रुपये के विवादों का समाधान।
- 1,648 मामलों में सुलह मंच के माध्यम से 657 करोड़ रुपये के विवादों का समाधान।
- 6,673 आवंटियों को ऑनलाइन पोर्टल से आपसी सहमति से 3,417.42 करोड़ रुपये के विवादों का निस्तारण।
अपंजीकृत योजनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा
यूपीरेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि अर्धवार्षिक रिपोर्ट दिखाती है कि उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीददारों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। घर खरीदारों का हित सुरक्षित रखने के लिए एक तरफ अपंजीकृत योजनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया की गहन निगरानी की जा रही है।