पूर्व प्रेमी को सबक सिखाने के लिए एससी-एसटी एक्ट और दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराने वाली रिंकी को दोषी ठहराकर एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने साढ़े तीन वर्ष कैद से दंडित किया है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को भेजने का आदेश दिया है। यह भी कहा कि अगर यह केस दर्ज कराने के बाद वादिनी को राज्य सरकार से कोई राहत राशि या प्रतिकर मिला है तो उसे तुरंत वापस लिया जाए।
डीएम को निर्देश देते हुए कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ कोई केस दर्ज होते ही मामला नहीं बन जाता है। विवेचना के बाद जब आरोपी के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दायर करती है तब मामला बनता है। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज होते ही राहत धनराशि दिए जाने से झूठे केस दर्ज कराने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
कोर्ट ने रिंकी को दंडित करते हुए कहा कि भारतीय समाज में विवाहेत्तर संबंधों, लिव इन रिलेशनशिप के साथ अनैतिक व्यभिचार के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों और संस्थाओं के सामने नई चुनौती पेश की है।
इसमें कई वर्ष तक ऐसे संबंधों में रहने वाली महिला अचानक पुलिस और कोर्ट के सामने आकर खड़ी हो जाती है और दुष्कर्म का आरोप लगा देती है। वह उस पुरुष को जेल भेजने की मंशा के साथ कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करती है। यह भी ऐसा ही मामला है, जिसमें एससी-एसटी एक्ट और दुष्कर्म के आरोपों का दुरुपयोग किया गया है।
मोहनलालगंज थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
वादिनी ने मोहनलालगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक गांव के दीपक से उसके पांच वर्ष से प्रेम संबंध थे। दीपक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता था। बताया गया कि उसने वादिनी को घर बुलाया तो उसके घरवालों ने उससे मारपीट की।
विवेचना के दौरान वादिनी ने आंतरिक मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया था। विवेचक ने दीपक के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की तो पाया कि वादिनी घटना वाले दिन जब दीपक के घर गई तो उस दिन आरोपी ने संबंध नहीं बनाए थे।
आरोपी की शादी से नाराज होकर सबक सिखाना चाहती थी
दीपक ने फरवरी में अन्य महिला से विवाह कर लिया। इस कारण वादिनी उसे सबक सिखाना चाहती थी और यह झूठा केस दर्ज करा दिया। कोर्ट ने पाया कि दुष्कर्म का मामला नहीं बनता है। वादिनी दीपक के घर में घुसकर उसके वैवाहिक जीवन को नुकसान पहुंचाना चाहती थी और जानबूझकर पुलिस को इस तरह की सूचना दी गई, जिससे दीपक का नुकसान हो जाए।