लखनऊ नगर निगम में पालतू बिल्लियों के लाइसेंस बनने शुरू भी हो गए हैं। बीते एक सप्ताह में करीब 10 लाइसेंस बनाए गए हैं। अभी यह ऑफलाइन बनाए जा रहे हैं, लेकिन अगले महीने से ऑनलाइन सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
नगर निगम के पशुकल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि शहर पालतू कुत्तों की तरह बिल्ली पालने के लिए लाइसेंस बनवाना अनिवार्य हो चुका है। एक वर्ष अवधि के इस लाइसेंस का शुल्क 500 रुपये है। बिना लाइसेंस बिल्ली पालने पर 1000 रुपये जुर्माना लगेगा। लाइसेंस बिल्ली को एंटी रैबीज के टीका लगने के बाद बनाया जाएगा। ऑनलाइन लाइसेंस बनवाने की सुविधा के लिए कुत्तों के ऑनलाइन लाइसेंस के सिस्टम में बदलाव कराया जा रहा है। अगले महीने ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी। लाइसेंस बनवाने के लिए पशु कल्याण विभाग में सुबह 10 से शाम 5 के बीच या कर्मचारी जयंत सिंह मोबाइल नंबर 9511156792 पर संपर्क किया जा सकता है।
बिल्लियों से भी होता है रैबीज
पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि बिल्लियों के काटने से भी रैबीज होता है। ऐसे में पालने वालों को सावधानी बरतना जरूरी है। अन्य नगर निगमों में बिल्लियों के लाइसेंस पहले से बनाए जा रहे हैं। लाइसेंस बनाने का मकसद राजस्व जुटाना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना है कि वह नियमित टीकाकरण जरूर कराएं। पशु कल्याण बोर्ड के निर्देशों के तहत शहरों को 2023 तक ही रैबीज फ्री बनाया जाना था।
लोग दे सकते हैं जानकारी
पशु कल्याण अधिकारी ने कहा बिना लाइसेंस पाली जाने वाली बिल्लियों के लिए नगर निगम घर-घर जांच नहीं कर सकता, लेकिन यदि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपील की है कि यदि आपके आसपास कोई बिना लाइसेंस कुत्ता या बिल्ली पाल रहा है तो नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 9219902911, 9219902912, 9219902913, 9219902914 या टोल फ्री नंबर 1533 पर सूचित करें।