6 अप्रैल को केस्को कानपुर में सुनवाई के दौरान जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाने के मामले में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के उल्लंघन को लेकर अवमानना प्रस्ताव आयोग को सौंपा गया था। इस पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन एवं संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
उपभोक्ता को मिलेगा अधिकार: वर्मा
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे चिंतित न हों। परिषद का दावा है कि इस मुद्दे पर केंद्र स्तर पर स्पष्टता मिल चुकी है और जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बिना सहमति के प्रीपेड मोड में बदले गए हैं, उन्हें पुनः पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कराया जाएगा।
परिषद ने यह भी कहा कि यदि समय रहते नियामक आयोग द्वारा बिजली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए, तो उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और वे केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
प्रदेश की बिजली कंपनियों में बड़े पैमाने पर भारत सरकार केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना वी लोकसभा में ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए बयान के बाद पूरे प्रदेश में उपभोक्ता बिजली दफ्तर पहुंच रहे हैं। पावर कारपोरेशन का आदेश न जारी होने की वजह से क्षेत्रीय अधिकारी उनका समाधान नहीं कर रहे हैं या पूरी तरह उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है ऐसे में बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाना जरूरी है।