स्वाइन फ्लू (एच1एन1 वायरस) के संक्रमण की चपेट में 59 और मरीज आ गए। बुधवार को जारी रिपोर्ट में इन मरीजों को संक्रमण होने की पुष्टि की गई है। इसी के साथ मरीजों का आंकड़ा 608 पहुंच गया।
ये मरीज 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच विभिन्न अस्पतालों में पहुंचे। एक साथ 59 रोगियों के सामने आते ही रोग के नियंत्रण का दावा कर रहे स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई है।बुधवार को जिन 59 मरीजों में एच1एन1 वायरस पॉजिटिव पाया गया है उनमें से 17 बच्चे हैं।
जबकि एक मरीज सेना के कमांड हॉस्पिटल का है। 32 मरीजों की जांच केजीएमयू और 11 की डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और 13 की संजय गांधी पीजीआई में जांच की गई है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने दावा किया है कि सभी मरीजों और उनके संपर्क में आने वालों को टेमीफ्लू दवा दे दी गई है।
बारिश की वजह से बढ़ गया स्वाइन फ्लू
साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने उन इलाकों का दौरा कर जरूरी हिदायतें दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार को बारिश होने के कारण अचानक ठंड हुए मौसम में वायरस के एक्टिव होने से मरीजों की संख्या भी बढ़ गई।
दिन में गर्मी और रात में सर्दी होने से शरीर उतरते और चढ़ते तापमान के साथ सामंजस्य नहीं बैठा पाया। लोगों जुकाम हुआ लेकिन स्वाइन फ्लू वायरस वातावरण में होने के कारण लोग कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोक एच1एन1 की चपेट में आ गए।
अचानक बदलते मौसम से परेशान केजीएमयू, सिविल, बलरामपुर, लोहिया अस्पताल, भाऊराव देवरस में 100 से अधिक मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे।
केजीएमयू के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. जेवी सिंह का कहना है कि राजधानी में मरीजों की संख्या 608 पहुंच गई है लेकिन इन मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ अभी भी संक्रमण से बचे हुए हैं।
इन बातों का रखें खास ख्याल
यदि रोग नियंत्रित नहीं होता तो सबसे पहले मरीज के संपर्क में आने वाले ये लोग ही संक्रमित होते। बीमार मरीज को सामान्य परिवारवालों से अलग रखकर रोग को फैलने से रोका जा सकता है। एक-दूसरे से मिलने पर हाथ न मिलाएं। नमस्ते करें।
दिन में तीन-चार बार साबुन से हाथ धोएं। नाक बह रही है तो उसके लिए रुमाल जरूर रखें। मुंह और नाक पर कपड़ा रखकर ही छींके। इससे वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।
सीएमओ डॉ. एनएसएन यादव ने अब तक मिले 608 मरीजों में से 500 से अधिक के ठीक होने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को किसी भी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। 2 मार्च को 28 और 3 मार्च को 30 मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
कोशिश की जा रही है सभी मरीजों के परिवारीजनों की काउंसलिंग कर उन्हें संक्रमण फैलने के कारणों की जानकारी दी जा सके।
इमरजेंसी में आप इन नंबरों पर फोन करके मदद ले सकते हैं। सीएमओ कंट्रोल रूम- 0522-2622080,07839700132, स्वास्थ्य विभाग का टोल फ्री नंबर है 18001805145