प्रदेश में ऑनलाइन एमओयू मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किए जाने के बाद औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और वाणिज्यिक उत्पादन में तेजी आई है। औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े 150 एमओयू में से अब तक 4095.96 करोड़ रुपये के निवेश वाली 18 परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन और 12,858.34 करोड़ के निवेश की 31 परियोजनाओं का काम शुरू हआ है। इस तरह 16,963 करोड़ की 49 परियोजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है।
सोमवार को अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग आलोक कुमार ने यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 के दौरान हस्ताक्षरित तथा औद्योगिक विकास विभाग को मॉनिटरिंग के लिए आवंटित एमओयू की दूसरी समीक्षा की। उन्होंने पहली समीक्षा 16 जुलाई को की थी।
समीक्षा के बाद आलोक ने बताया कि इन डेढ़ महीने में निवेश क्रियान्वयन से जुड़े काम में अच्छी प्रगति हुई है। इस बीच चार नई इकाइयों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हुआ है और करीब 4500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाली 19 नई इकाइयों ने अपनी परियोजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। औद्योगिक विकास विभाग ने इन 150 निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में सहायता के लिए 23 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।
कुमार ने बताया कि नोडल अधिकारियों के सक्रिय प्रयासों से जिन परियोजनाओं के कार्यान्वयन में पहले निवेशक रुचि नहीं ले रहे थे, वे अब रुचि लेने लगे हैं। निवेशकों का सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद से विश्वास बढ़ा है। औद्योगिक विकास विभाग और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लगातार प्रयासों से 12 प्रतिशत से अधिक एमओयू में वाणिज्यिक संचालन शुरू हो गया है। 20 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
नोडल अफसरों ने इन इकाइयों में किया अहम काम
नोडल अधिकारियों ने मैक्स वेंचर्स एंड इंडस्ट्रीज जैसे निवेशकों के प्रकरण को नोएडा प्राधिकरण के हस्तक्षेप से हल करने में अहम भूमिका निभाई। निवेशक खनन से संबंधित समस्या का सामना कर रहा था। इसी तरह नोडल अधिकारी के हस्तक्षेप से सुरभि सॉटकॉम ग्रुप के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन, अग्निशमन से संबंधित एनओसी व स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफि केट से जुड़े मुद्दों का समाधान हो पाया। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के नोडल अधिकारी ने 15 निवेशकों को सहायता प्रदान की। इससे 12 इकाइयां परियोजना कार्यान्वयन शुरू कर सकीं और तीन इकाइयों ने निर्माण पूरा कर लिया।