इंडिगो की फ्लाइटें लगातार रद्द होने से जहां यात्री पहले से ही परेशान हैं, वहीं सीधी उड़ान न मिलने से अन्य विमानों का किराया भी सामान्य दिनों के मुकाबले 10 गुना तक महंगा हो गया है। लखनऊ से प्रमुख शहरों की सीधी उड़ानें नहीं मिल रही हैं। ऐसे में कनेक्टिंग उड़ानों का ही सहारा है। लखनऊ मुंबई रूट के विमानों पर इंडिगो की उड़ानें नहीं चल रही हैं। सामान्य दिनों में जो किराया 5 हजार के आसपास होता था वह इस वक्त बढ़कर 48 हजार रुपये हो गया है। हैदराबाद रूट पर एअर इंडिया का किराया 42,665 रुपये हो गया है। बंगलूरू का एअर इंडिया का किराया 68790 रुपये है। लखनऊ से दिल्ली की सीधी उड़ानों का किराया 14000-17000 रुपये है जो कि सामान्य दिनों में 4000 के आसपास रहता है। 7 दिसंबर को एअर इंडिया की रात 8:30 बजे की उड़ान का किराया 46,301 रुपये हो गया है।
शुक्रवार दोपहर 2 बजे इंडिगो के काउंटर पर मौजूद यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। यात्रियों और कर्मचारियों के बीच शुरू हुई नोकझोंक धीरे धीरे झड़प में तब्दील होती गई। यात्रियों ने बताया कि इंडिगो की वेबसाइट और एप पर उड़ानों का वक्त सामान्य दिखाया जा रहा है। इससे कई यात्री ऑनलाइन बोर्डिंग पास तक निकाल लेते हैं, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर डिस्प्ले बोर्ड से पता चलता है कि उनकी उड़ान रद्द है। इस बदली स्थिति का काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी सही जवाब नहीं दे पाते। रिफंड व टिकट की तारीख आगे बढ़ने के सवाल पर भी कर्मचारी चुप्पी साध गए जिससे यात्रियों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया। यात्रियों ने बताया कि एयरलाइन प्रबंधन उड़ान रद्द होने की सूचना पहले से नहीं दे रहा है जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानियां झेलना पड़ीं। इससे पहले बृहस्पतिवार को भी ऐसी स्थिति आई थी जब इंडिगो के कई विमान लेट और रद्द होने पर उनकी जानकारी करने यात्री काउंटर पर पहुंचे थे।
इंडिगो के विमान किराया।
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प्रतापगढ़ के रहने वाले रूपम को पत्नी बीना यादव और दो बेटियों के साथ लखनऊ से मुंबई होते हुए तंजानिया जाना था। बृहस्पतिवार रात लखनऊ से 9:50 बजे मुंबई की फ्लाइट थी और फिर मुंबई से सुबह 5 बजे से तंजानिया के लिए। बृहस्पतिवार को इंडिगो ने बताया कि मुंबई से तंजानिया की फ्लाइट रद्द है तो उन्होंने मुंबई से तंजानिया की 4.50 लाख रुपये की टिकट दोबारा ली लेकिन एयरपोर्ट आकर पता चला कि लखनऊ से मुंबई की भी फ्लाइट रद्द है। शुक्रवार दोपहर 2 बजे की फ्लाइट बताई गई लेकिन उसके बाद वह भी कैंसिल हो गई। इससे वह पिछले 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त से मय परिवार एयरपोर्ट पर ही डटे हैं।
50 हजार के अतिरिक्त खर्च से पुणे जाएगा रावल परिवार
पुणे के रहने वाले सुभाष रावल 28 नवंबर को अपने बेटे की पेरेंट्स मीट कॉन्फ्रेंस में आए थे। काम निपटा तो बनारस और फिर अयोध्या जी में दर्शन किए। 3 दिसंबर को अयोध्या से पुणे के लिए उनकी सीधी फ्लाइट थी लेकिन वहां बताया गया कि अयोध्या के बजाय उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट से 4 दिसंबर को वाया दिल्ली होकर जाने वाली पुणे की फ्लाइट मिलेगी। थक हारकर वह सड़क मार्ग से लखनऊ पहुंचे लेकिन न तो बृहस्पतिवार को फ्लाइट मिली और न ही पूर्व निर्धारित शुक्रवार दोपहर 2 बजे वाली फ्लाइट। आखिरकार उन्होंने तय किया कि वह सड़क मार्ग से ही 50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च कर मय परिवार अपने घर पुणे जाएंगे।