राजधानी के वृंदावन स्थित 300 एकड़ में फैले डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 23 नवंबर से शुरू हो रहे 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियां अपने शुमार पर है। यहां देश- विदेश से करीब 35 हजार युवाओं को नेतृत्व, आत्मनिर्भता व अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाएगा। प्रदेश में करीब 61 साल बाद ऐसा मौका आ रहा हैं, जहां पारंपरिक गतिविधियों के साथ ही युवाओं को विज्ञान व तकनीक रूबरू होने का मौका मिलेगा।
भारत स्काउट और गाइड यूपी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 61 वर्षो बाद 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी की मेजबानी उत्तर प्रदेश करने जा रहा है। इससे पहले 1960 में प्रदेश की संगम नगरी इलाहाबाद में यह आयोजन हुआ है। स्काउट गाइड के अनुसार, स्काउटिंग की शुरूआत 1907 में सबसे पहले इंग्लैंड में हुई थी। जबकि, भारत में पहली बार राष्ट्रीय जंबूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था।
स्काउट गाइड की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी का महत्व कई स्तर पर खास है। कार्यक्रम में एक साथ हजारों की संख्या में युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भता का अभ्यास कराया जाता है। युवाओं में वैश्विक भाईचारे की भावना जागृत की जाएगी। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता के साथ ही युवाओं में समाजसेवा और दायित्व बोध का विकास कराया जाएगा।
19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में देश ही नहीं विदेश के कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी शामिल होंगे। स्काउट गाइड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के विभिन्न राज्यों से करीब 30 हजार युवा प्रतिभाग करेंगे। 2000 विदेशी प्रतिभागी जबकि, 3000 स्काउट गाइड से जुड़े अधिकारी, स्टाफ एवं स्वयंसेवक शामिल होंगे। अतिथि के रूप में कई राजनेता, मंत्री, सांसद विधायक व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
सात दिवसीय 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में करीब छह तरह की गतिविधियां होंगी। इनमें साहसिक गतिविधियों में हाई रोप्स, जिपलाइन, एडवेंचर पार्क व ट्रेकिंग, सांस्कृतिक में लोक नृत्य नाटक, गीत, शैक्षिक में गांठें बांधना फर्स्ट एड जीवन रक्षा कौशल, विज्ञान व तकनीक में रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी, सेवा में पर्यावरण संरक्षण सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट जबकि, खेलकूद में टीम गेम्स व अन्य खेल प्रतियोगिताएं शामिल है।