प्रदेश में तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन करने के लिए किसानों को निशुल्क तिलहन मिनीकिट उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों को आनलाइन आवेदन करना होगा। राज्य सहायतित निःशुल्क तिलहन बीज मिनीकिट वितरण, प्रदर्शन एवं प्रसार कार्यक्रम के तहत तोरिया (लाही) फसल का दो किलोग्राम मात्रा का बीज मिनीकिट निःशुल्क दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को एक अगस्त से 15 अगस्त तक कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। एक किसान को केवल एक मिनीकिट ही दिया जाएगा। चयनित किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से राजकीय कृषि बीज भंडारों से बीज मिनीकिट वितरित कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डा राजर्षि कुमार गौड़ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक हुई। इसमें वैज्ञानिकों ने बताया कि जहां कम बारिश हुई है, वहां अब धान के बजाय बाजरा की संकुल प्रजातियां तथा उर्द/ मूंग/तिल की बुआई कराई जाए। बाजरे की फसल में मूंग / उर्द एवं लोबिया की सहफसली खेती करने से उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। इसके किसानों को भी आर्थिक क्षति से बचाया जा सकेगा। पूर्वांचल में यदि अगस्त माह के पहले सप्ताह में बारिश पर्याप्त हो जाती है तो वहां सुगंधित धान की किस्मों की रोपाई की जा सकती है। दलहनी एवं तिलहनी फसलों में जल निकासी की व्यवस्था जरूरी है।