नौकरी के नाम पर म्यामांर बुलाए गए लोगों में ज्यादातर युवा हैं। पूछताछ में सभी ने बताया कि उनसे सोशल मीडिया के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। उनसे उनके शिक्षा संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। इसके बाद साक्षात्कार लिया गया था। साक्षात्कार के बाद आरोपियों ने उन्हें नौकरी दी थी। लखनऊ लाए गए लोगों में अधिकांश पढ़े लिखे हैं। इनमें कुछ ने एमबीए तो कुछ ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। सभी को 30 से 70 हजार रुपये देने का झांसा दिया गया था, लेकिन उन्हें 24 हजार ही देते थे।
घर जाने की जिद करने पर लगाते थे करंट
पूछताछ में सामने आया है कि जो लोग वापस भारत आने की जिद करते थे उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। करंट भी लगाते थे। मना करने पर खाना पीना बंद कर देते थे। सभी को बिल्डिंग से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी।