उन्होंने आगे कहा, विधायक जी का क्या है, अब तक उनका कोई नुकसान नहीं हुआ तो अब क्या होगा। मगर बिटिया हम माखी न छोड़ेंगे, जब तक जीवन है माखी में रहेंगे, वो लोग कितना भी डरा धमका ले, हम वो जगह न छोड़ेंगे।
न्याय मिलने के सवाल पर पीड़िता की मां कहती है, हमारे देवर को जितने फर्जी केस में फंसाया है उसे उन सब से बरी कर दे बस सरकार से यही बिनती है। हमारे परिवार में उनके सिवा कोई कमाने वाला नहीं बचा है। हमारे पति को मार दिया। अब क्या वो वापस आएंगे। आगे कैसे गुजारा चलेगा कुछ समझ में नहीं आता।
पीड़िता की मां अस्पताल के खाने के बारे में शिकायत करती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में खाना बहुत खराब मिलता है। उबला खाना मिलता है। बाहर से लेने जाते हैं तो पहले पुलिस से अनुमति लो। पूछ-पूछ के जाना पड़ता है। अच्छे खाने का इंतजाम करवा दो बिटिया।
बात करते-करते उनकी आंखों में पानी आ जाता है। कहीं खो जाती हैं। खुद में बड़बड़ाती हैं, एक न्याय की लड़ाई में सब खत्म हो गया। परिवार के लोग। परिवार की खुशियां। अब तो बस अपनी बारी का इंतजार है, देखो कब हमारा नम्बर आता है। (अमर उजाला टीवी की संवाददाता काविश अजीज लेनिन से पीड़िता की मां की बातचीत)