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सचिवालय में प्रवेश के लिए रुपये वसूलने का वीडियो बनाने वाले कर्मी के खिलाफ भी कार्रवाई

Sat, 03 Aug 2019 09:13 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ सचिवालय - फोटो : amar ujala
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प्रदेश की योगी सरकार सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार व घूसखोरी के खिलाफ मुहिम चला रही है। बड़ी संख्या में कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। लेकिन सचिवालय प्रशासन विभाग ने अपने उपनिरीक्षक का घूस लेते हुए वीडियो बनाने और उसे कार्रवाई के लिए विभाग के संज्ञान में लाने वाले कर्मियों के खिलाफ ही कार्रवाई का डंडा चला दिया है। विधान भवन रक्षक संघ अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सहित तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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बताया जा रहा है कि सात जुलाई को सचिवालय सुरक्षा के एक मुख्य रक्षक सतीश कुमार चौधरीने सचिवालय सुरक्षा के ही उपनिरीक्षक संजय प्रताप सिंह का बापू भवन सचिवालय के गेट नंबर-2 पर एक बोलीदाता ठेकेदार से 100 रुपये लेते हुए वीडियो बना लिया था। यह रकम सचिवालय में बिना अधिकृत पास अंदर जाने के लिए ली जा रही थी। 

बोलीदाता पहले 50 रुपये दे रहा था, जिसे संजय ने वापस कर दिया। बाद में 100 रुपये लिया। जानकार बताते हैं कि इस वीडियो की जानकारी सचिवालय सुरक्षा दल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सहित सभी जिम्मेदार लोगों को हो गई थी लेकिन इसे दबाने का प्रयास किया गया। बाद में वीडियो वायरल हुआ तो अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन ने 100 रुपये लेने वाले कर्मी को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश कर दिया था।
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अब इस मामले में अचानक नया मोड़ आ गया है। सचिवालय प्रशासन विभाग के अनुसचिव प्रभाष कुमार ने 100 रुपये की वसूली करने का वीडियो बनाने वाले मुख्य रक्षक सतीश कुमार को वीडियो बनाकर 15 दिन बाद सोशल मीडिया में वायरल करने, सुरक्षा ड्यूटी में स्वेच्छारिता व अनुशासनहीनता के आरोप में अनुशासनिक कार्यवाही का पत्र पकड़ा दिया है। 

इसी तरह सतीश द्वारा बनाए गए वीडियो को व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल करने व अन्य आरोपों में विधान भवन रक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी है। 

इसके अलावा मुख्य रक्षक योगेंद्र कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सतीश द्वारा बनाए गए वीडियो को वायरल किया व निरीक्षक बापू भवन व अन्य उपनिरीक्षक को घटना की सही जानकारी नहीं दी। 

यही नहीं, योगेंद्र पर उप निरीक्षक संजय को ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। सचिवालय प्रशासन से अवैध वसूली का वीडियो बनाने व उसे वायरल कर विभाग को कार्रवाई के लिए मजबूर करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
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अनुचित रूप से 100 रुपये की वसूली करने वाले कर्मी के खिलाफ कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। वीडियो बनाने वाले या वायरल करने वाले कर्मियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। ऑफिस खुलने पर जानकारी कर उचित कदम उठाया जाएगा।
-महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन
 
सरकार की मंशा है कि जो भ्रष्टाचारी हैं, उन्हें उजागर किया जाए। ऐसे में किसी के भी द्वारा किसी के भ्रष्टाचार के वीडियो को बनाने को अनुचित नहीं कहा जा सकता। जिस मुख्य रक्षक ने वीडियो बनाया, उसने उच्चाधिकारियों को समय पर बता दिया था, लेकिन उच्च अधिकारियों ने इसे दबाने का प्रयास किया। बाद में किस तरह वीडियो वायरल हुआ, इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने जान-बूझकर मुझे इस प्रकरण से जोड़ दिया है। इसका उचित जवाब दिया जाएगा। 
-योगेंद्र कुमार, अध्यक्ष, विधान भवन रक्षक संघ 
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