आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
इस घटना में चारों तरफ से घिरने के बाद सीएम योगी ने सोमवार शाम दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तलब किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राजधानी में मुलाकात कर विधायक ने अपनी सफाई पेश की। इशके बाद मीडिया से उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
वहीं, इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मामले की जल्द से जल्द जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप लगाया था कि जून 2017 में विधायक ने उसे बंधक बनाकर कई बार रेप किया था। यहीं नहीं, विधायक ने अपने गुर्गों से भी रेप कराया। पीड़िता ने थाने में आरोपी विधायक के खिलाफ तहरीर दी, तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उसे टरका दिया। रविवार को पीड़ित परिवार ने प्रशासन के रवैये से दुखी होकर सीएम आवास पर आत्मदाह का प्रयास किया था।
इस मामले में अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सीएम योगी से इस्तीफा मांग लिया। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह की कोशिश करने वाली दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की ‘पुलिस कस्टडी’ में दर्दनाक मृत्यु दुखदायी है। इसकी उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. महिलाओं के मान की रक्षा के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं, राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि 'बेटी बचाओ-खुद मारे जाओ'। उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा, 'एक युवती भाजपा MLA पर बलात्कार का आरोप लगाती है| MLA को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस युवती के पिता को हिरासत में ले लेती है| उसके तुरंत बाद पुलिस कस्टडी में उनकी मृत्यु हो जाती है|वहीँ आरोपी भाजपा विधायक अभी भी खुले घूम रहे हैं|'
रेप पीड़िता के पिता की मौत पर मंगलवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि पिड़ित के पिता की मौत पुलिस कस्टडी में नहीं हुई है। वह राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में बिना जांच के किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस हिरासत में हुई पीड़िता के पिता की मौत ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट करेंगे।
जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक कुल्दीप सिंह सेंगर को क्लीनचिट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी किसी को क्लीनचिट नहीं दी गई है।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी केस से जुड़े हर व्यक्ति से पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि 11 जून 2017 को जो केस दर्ज किया गया है, उसमें विधायक का नाम नहीं दिया गया था। जबकि 22 अगस्त 2017 को पीड़ित परिवार द्वारा दी गई अप्लीकेशन में विधायक और अन्य के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।