प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक एवं समकक्ष संवर्ग को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान दिया जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विभाग के आदेश के बाद गुरुवार को राज्य सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया। 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 तक सातवां वेतनमान देने के लिए होने वाले अतिरिक्त व्यय का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी।
विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और उनके समकक्ष शैक्षणिक कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुरूप वेतन भत्ते दिए जाएंगे।
कुल सचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक को इसमें शामिल नहीं किया गया है। कोच, अनुशिक्षक और प्रदर्शक को भी इसमें शामिल नहीं किया है। इन संवर्ग को सातवें वेतन आयोग में केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए लागू वेतन स्तर को लागू किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं समकक्ष कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग का लाभ देने पर 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 तक आने वाले अतिरिक्त व्यय का 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार वहन करेगी जबकि 50 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा।
राज्य सरकार को अनुदानित विश्वविद्यालयों, अनुदानित महाविद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में सातवें वेतनमान के अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रस्ताव 31 मार्च 2019 से पहले केन्द्र सरकार को प्रस्तुत करना होगा ताकि केन्द्र सरकार से समय पर राशि जारी हो सके। स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों के प्राचार्र्यों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुति के अनुसार वेतन दिया जाएगा लेकिन विशेष भत्ते नहीं दिए जाएंगे।