अठावले ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार काफी विकास कार्य करा रही है। सीएम के साथ शनिवार को हुई मुलाकात में उन्होंने आरपीआई के कुछ कार्यकर्ताओं को निगमों में स्थान दिए जाने के बाबत भी बात की। साथ ही कहा कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में अगर आरपीआई को कुछ सीटें मिलती हैं तो दलित वोट और भी ज्यादा हमारी तरफ आएगा। सीएम से दलितों का कर्ज माफ करने को लेकर बात की। सीएम ने इस पर विचार का आश्वासन दिया है।
अखिलेश को नहीं मिला बसपा का वोट
अठावले ने कहा कि यूपी में बसपा और सपा का सफाया हो गया है। मोदी सरकार ने पांच साल गरीबों के लिए काम किया। इसका चुनाव में फायदा मिला। गठबंधन का सपा का कोई लाभ नहीं हुआ, लेकिन सपा के सहयोग से मायावती को जरूर 10 सीटें मिल गईं। बसपा का वोट सपा को नहीं मिला, वो भाजपा की तरफ चला गया।
अठावले ने कहा, हमने बसपा सुप्रीमो मायावती को एनडीए के साथ आने के लिए कहा था। अगर आई होतीं तो बसपा ज्यादा फायदे में रही होती। महाराष्ट्र में लोगों को पानी न मिलने के मायावती के आरोप पर कहा कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उसने सिंचाई सुविधाएं नहीं बढ़ाईं। अठावले ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया।
अफसरों के साथ की कामकाज की समीक्षा
अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बारे में अठावले ने बताया कि यूपी में 9 लाख 84 हजार 709 दिव्यांगजनों को पेंशन मिलती है। कुष्ठ रोगियों को भी पेंशन मिलती है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यहां मैला ढोने की प्रथा एकदम खत्म करनी है। अभी यूपी में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। मैला ढोने वाले 15164 लोगों के पुनर्वास के लिए 5 करोड़ 65 लाख रुपये दिए हैं। पीएम आवास योजना के तहत भी 3 करोड़ गरीबों को आवास दिए गए हैं।