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लॉकडाउन में फोर 'ए' फॉर्मूला से हराएं तनाव को, यूनिसेफ की 'जिन्दगी मास्टर क्लास' में विशेषज्ञों ने दिए टिप्स

Thu, 28 May 2020 11:48 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डॉ. शालिनी भसीन व डॉ. शाजिया वकार। - फोटो : amar ujala
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घर में सारा दिन बैठे-बैठे क्या करें...। बाहर चले जाएंगे तो कहीं संक्रमित तो नहीं हो जाएंगे...। किसी के हाथ का दिया पानी पीलिया, उसने पता नहीं हाथ सैनिटाइज किया था या नहीं..। क्या होगा हमारे कॅरिअर का...। ऐसे न जाने कितने सवाल इन दिनों हर किसी को घेरे हुए हैं। खास कर हमारे किशोर और युवाओं का संवेदनशील मन इससे कहीं ज्यादा प्रभावित हो रहा है। कोविड-19 का यह दौर सीधे तौर पर इनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसी तमाम समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए यूनिसेफ ने शुरू की है वेबिनार की एक श्रृंखला ‘जिंदगी मास्टरक्लास’। इसमें अमर उजाला मीडिया पार्टनर है। इसी कड़ी में दूसरे वेबिनार का आयोजन बुधवार को किया गया। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी भसीन और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. शाजिया वकार सिद्दीकी ने युवाओं और अभिभावकों को तनाव को जीतने का मंत्र बताया। साथ ही उनके तमाम सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण अमर उजाला लखनऊ के फेसबुक पेज पर भी किया गया। वेबिनार का संचालन यूनिसेफ की संगीता आनंद ने किया।

कुछ इस तरह के सवाल पूछे गए

  • जब मनुष्य ज्यादा सोचता है और उसमें खोया रहता है, तो इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।
  • जो स्टूडेंट पहले से ही मानसिक तौर पर बीमार हो और अत्यधिक चिंता के कारण उसका इलाज चल रहा हो, तो उसके लिए किन बातों का ध्यान रखना होगा।
  • आपने कहा कि हम न्यूज न देखें या कम देखें, पर पैरेंट्स देखते हैं तो हमारा ध्यान भी भंग होता है, ऐसे में हम क्या करें, उन्हें कैसे समझाएं।
  • हम खुद को मानसिक तौर पर भविष्य में आने वाली समस्याओं के लिए कैसे तैयार करें।
  • घर के बुजुर्गों को कैसे समझाएं, उनका तनाव कैसे कम करें।
  • मेरी बोर्ड परीक्षा होनी है, मुझे मालूम है, लेकिन पढ़ने बैठता हूं तो चिंता होने लगती है, मन नहीं करता। क्या करना चाहे।

इन सवालों को लेकर विशेषज्ञ बोले - समस्या नहीं समाधान की सोचें, खुद को सकारात्मक रखें

 

इमरजेंसी केयर वाल तैयार करें और फोर ए का फार्मूला अपनाएं

साइकोथेरेपिस्ट डॉ. शाजिका वकार ने एक-एक कर सभी के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने मुख्य रूप से दो बातों पर जोर दिया। पहला- हमें अपने लिए एक इमरजेंसी केयर वॉल तैयार करनी होगी। यानी जब हम दुखी हों तो अपनी मनपसंद मूवी देखें, जब हमें गुस्सा आए तो शांत संगीत सुनें। अकेलापन महसूस करें तो बिना देरी किए आप बेस्ट फ्रेंड को फोन मिलाएं और बात करें। चिंता हो तो कंबल तानकर सो जाएं यानी सब कुछ छोड़ कर आराम करें। कहीं कोई संदेह लगे खुद पर तो एक लिस्ट बनाएं, उन कामों की जिसे आप अच्छे से कर सकते हैं। इसके अलावा मनपसंद किताब पढ़ें या फिर स्ट्रेस बाल लेकर बैठ जाएं। इसके अलावा चार ए हमेशा ध्यान रखें, जो चीजें तनाव दें उन्हें अवाइड करने की कोशिश करें। खुद में आत्मविश्वास है तो बदल (अल्टर) डाले हालात को अपने अनुसार, नहीं बदल सकते तो स्वीकार करें यानी एक्सेप्ट करें और अंत में उसके अनुसार अडॉप्ट कर लें यानी एवाइड, अल्टर, एक्सेप्ट और एडॉप्ट से खुद को तनाव मुक्त रखें।

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सेहत, समय, रिश्ते और विचारों का प्रबंधन करना होगा...

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी भसीन ने प्रतिभागियों से कहा कि महामारी के इस दौर में हमें सेहत, समय, रिश्ते और विचारों का प्रबंधन करना सीखना जरूरी है। सबसे पहले तो अपनी सेहत का ध्यान रखें। पोषक तत्वों का सेवन करें और भरपूर पानी पिएं। घर में रहने का मतलब यह नहीं कि हम अपना रूटीन ही गड़बड़ा दें। यानी जैसे पहले उठते थे, एक्सरसाइज करते थे, खुद को व्यस्त रखते, वैसे ही दिनचर्या को रखने की कोशिश करें। तीसरी महत्वपूर्ण बात है कि रिश्तों को समय देने का मौका मिला है, एक दूसरे के साथ हंसी-खुशी समय बिताकर खुद को व्यस्त रखें। इनडोरगेम खेलें, साथ में कुकिंग करें, कुछ न समझ आए तो गुदगुदी करें। इसके अलावा विचारों को नियंत्रित करें, इसके लिए जरूरी है कि सकारात्मक लोगों से बात करें, उनके बीच रहें और झूठी खबरों, अफवाहों से दूर रहें।

आज वेबिनार में मिलें कोविड वॉरियर्स से

युवाओं और अभिभावकों के लिए यूनिसेफ द्वारा आयोजित वेबिनार की अगली श्रृंखला में मिलेगा मौका कोविड वॉरियर्स से मिलने का। इस वेबिनार में मीडिया पार्टनर है अमर उजाला। वेबिनार का आयोजन 5.30 बजे से होगा। इसे अमर उजाला लखनऊ के फेसबुक पेज पर लाइव देखा जा सकता है। इस वेबिनार में शामिल होने वाले कोविड वॉरियर्स हैं डॉ. अंशुल पारीख, ड़ॉ. शिवि अग्रवाल और डॉ. अशोक तालियान। डॉ. अंशुल कम्युनिटी मेडिसिन में विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में आगरा में मेडिकल मोबाइल यूनिट और रैपिड रिस्पॉन्स टीम में नोडल अधिकारी हैं। डॉ. शिवि गाजियाबाद में डिस्ट्रिक्ट एपिडेमोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। जबकि अशोक तालयान यूपी सरकार में पब्लिक हेल्थ सेक्टर में कार्यरत हैं। वे मेरठ और सहारनपुर में डिविजनल सर्विलांस ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।
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