लखनऊ मेट्रो के एमडी कुमार केशव का कहना है कि यूपी सरकार ने एक दिसंबर की जगह एक नवंबर को ट्रायल शुरू करने के संकेत दिए हैं। लेकिन एक नवंबर से मेट्रो का ट्रायल मुश्किल है।
वहीं चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो का काम सचिवालय से शुरू होगा। बापू भवन के पास से टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को जमीन के अंदर सुरंग बनाने के लिए उतारा जाएगा।
यहां से दो टीबीएम करीब 50 मीटर के फासले पर अलग-अलग दो सुरंगों की खोदाई करेंगीं। सुरंग की खुदाई का काम दिसंबर तक शुरू होगा। वहीं चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक मेट्रो रूट का काम ट्रैफिक डायवर्जन पर सहमति बनते ही सिविल वर्क शुरू करा दिया जाएगा।
मेट्रो भवन में बुधवार को प्रेसवार्ता में एमडी कुमार केशव ने बताया कि 1190 करोड़ रुपये के भूमिगत प्रोजेक्ट के लिए कार्यदायी कंपनी गुलेरमैक और टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने अपनी कार्य योजना दे दी है।
बताया कि पहले चरण में सचिवालय से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच खोदाई होगी। इसके बाद सचिवालय से हुसैनगंज के बीच सुरंग का निर्माण होगा। बापू भवन से सुरंग का निर्माण शुरू करने की तैयारी भी लखनऊ मेट्रो ने शुरू करा दी है।
यहां 20 गुणा 20 वर्गमी. साइज का गड्ढा खोदा जाएगा। करीब 400 टन वजन की एक टीबीएम होगी। ऐसे में टीबीएम को सुरंग की खोदाई के लिए उतारना ही अपने आप में कठिन काम होगा। दोनों टीबीएम अगले तीन महीने में लखनऊ आ जाएंगीं।
इन्हें काम शुरू होने तक ट्रांसपोर्टनगर डिपो में रखा जाएगा। एमडी ने बताया कि सचिवालय पर निर्माण की वजह से ट्रैफिक डायवर्जन पर पुलिस और जिला प्रशासन के साथ बैठक हो रही है।
हमने बर्लिंग्टन से आगे ट्रैफिक को एक तरफ से न आने देने की मांग की है। हजरतगंज से चारबाग की तरफ ट्रैफिक गुजर सकेगा। अभी ट्रैफिक प्लान कब से लागू होगा, इस पर फैसला होना बाकी है।