कैसरबाग क्षेत्र के हीवेट रोड पर सोमवार-मंगलवार की रात एक निर्माणधीन कामर्शियल कांप्लेक्स ढह गया।
इससे इलाके में रात में ही हंगामे की स्थिति बन गई।
निर्माण के दौरान यहां मजदूर रात में रुकते भी हैं, ऐसे में कुछ मजदूरों के बिल्डिंग के मलबे में दबे होने की भी आशंका जताई जाती रही।
हालांकि, पुलिस लगातार इससे इंकार करती रही। जानकारों का कहना है कि, कुछ घायल मजदूरों का बिल्डर ने देर रात ही निजी अस्पतालों में इलाज करा दिया। पुलिस इस प्रकरण में तथ्यों को छिपा रही है।
दूसरी ओर, एलडीए ने भी बिल्डिंग की जांच कराने की बात कही। यहां बिल्डर द्वारा प्राधिकरण से पास नक्शे का उल्लघंन करने की बात भी सामने आ रही है। हीवेट रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के ठीक बगल में यह बिल्डिंग निर्माणाधीन थी।
इसके बिल्डर विजय गुप्ता हैं। अभी पहली मंजिल के पिलर खड़े कर के स्लैब डाली गई थी। जबकि, बेसमेंट में भी निर्माण किया जा रहा था। बीती आधी रात के बाद बिल्डिंग की स्लैब भरभरा कर नीचे आ गई। जोरदार धमाके से इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लोग बिल्डिंग के आसपास जुटने लगे। सभी को आशंका थी कि इस इमारत के मलबे में कुछ मजदूर दबे हुए हैं, मगर पुलिस ने इस बात को नहीं माना। सुबह बिल्डिंग को चारों ओर से पीले तिरपाल के जरिए ढक दिया गया ताकि बाहर से यहां की विभीषिका दिखाई न दे। बिल्डर यहां से गायब है।
इस बारे में एलडीए के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने बताया कि इस बिल्डिंग में अवैध निर्माण अगर किया जा रहा है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रकरण की जांच का जिम्मा सहायक अभियंता को सौंपा गया है।