लखनऊ। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को आयुक्त सभागार में मंडल के सभी जिलों के राजस्व वादों और वसूली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अविवादित नामांतरण वादों को विशेष अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर निपटाएं।
मंडलायुक्त ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लिया। एक वर्ष और पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की संख्या पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा कर प्रकरणवार कार्ययोजना बनाकर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तहसील प्रभारियों से राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण कराने और प्रत्येक वाद का निष्पक्ष व नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अंश निर्धारण के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए, ताकि भूमि अभिलेखों की शुद्धता बनी रहे और लोगों को अनावश्यक विवादों से राहत मिल सके।
बैठक में स्टांप एवं पंजीयन, आबकारी, वाणिज्य कर, परिवहन, विद्युत, खनन, वन, मंडी और नगर निकाय समेत विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि कुछ विभागों के अधिकारी लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं। वह समय रहते अपनी स्थिति में सुधार कर लें। विशेष अभियान चलाकर राजस्व संग्रह बढ़ा लें। कुछ समय बाद फिर से समीक्षा की जाएगी। लक्ष्य प्राप्ति में अगर लापरवाही पाई जाएगी तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक करते कमिश्नर।
समीक्षा बैठक करते कमिश्नर।
समीक्षा बैठक करते कमिश्नर।