मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द हो तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। केजीएमयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. सुजाता देव के अनुसार यह स्थिति ‘डिसमेनोरिया’ हो सकती है। जो लाखों महिलाओं को हर माह प्रभावित कर रही है। जागरुकता की कमी और खुद से पेनकिलर लेने की आदत इस समस्या को और बढ़ा देती है।
डॉ. सुजाता के अनुसार, डिसमेनोरिया दो प्रकार की होती है। प्राथमिक डिसमेनारिया मासिक धर्म शुरू होने के 1-2 साल के भीतर 2-3 दिन तक रहता है। द्वितीयक डिसमेनोरिया पेल्विक विकृति के कारण होता है, जो माहवारी शुरू होने से पहले ही शुरू हो जाता है और लंबा चलता है।
पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, पीठ, कूल्हे, जांघों में दर्द, मितली, उल्टी, चक्कर, थकान, दस्त या अत्यधिक कमजोरी डिसमेनोरिया के लक्षण हैं।
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नियमित व्यायाम व योग, केला, पालक, दूध जैसे पोषक तत्वों का सेवन, कैफीन, नमक कम करें, पर्याप्त नींद, लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेने से डिसमेनोरिया से बचा जा सकता है।