भाजपा विधायक उमा भारती ने बुधवार को अखिलेश सरकार पर तीखे हमले किए।
मुजफ्फरनगर दंगे पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार जनता की नजर से गिर चुकी है। मैंने इस सरकार के बारे में बहुत सकारात्मक राय बनाई थी।
कुंभ के दौरान वहां की व्यवस्था की तारीफ भी की थी। कुंभ के दौरान स्टेशन पर हादसे के बाद सरकार का बचाव भी किया था लेकिन जो हालात हैं उससे यही लगता है कि जनता ने बहुत ही तेजी से इस सरकार में अपना भरोसा खो दिया है।
भाजपा विधायक ने कहा कि मुजफ्फरनगर की घटना ने वहां के दो समुदायों के बीच भरोसे को पूरी तरह तहस नहस कर दिया है। लोगों का एक दूसरे समुदाय पर ही नहीं सरकार पर भी भरोसा टूट गया है।
बंटवारे के बाद मुसलमान सेना या सुरक्षाबलों के भरोसे यहां नहीं रह गए थे। अपने हिंदू पड़ोसियों के भरोसे उन्होंने यहां रहने का फैसला किया लेकिन अब यह विश्वास टूट सा गया है। वोटों की भूख ने इसमें अहम रोल अदा किया है। यह सरकार लोगों का विश्वास जीतने में नाकाम रही है।
सेकुलर व्यवस्था में सरकार के लिए कोई व्यक्ति हिंदू या मुसलमान नहीं हो सकता। सरकार के लिए वह केवल एक नागरिक है, हिंदू या मुसलमान नहीं।
लेकिन निष्पक्षता की बजाय वोट बैंक की राजनीति से हालात खराब हुए हैं। बेकसूरों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। न्याय से ही भरोसा पैदा होगा। यदि इस मामले में 24 घंटे में त्वरित कार्रवाई होती तो हालात इतने खराब नहीं होते।