अयोध्या में गाय को गुड़ खिलातीं उमा भारती
- फोटो : amar ujala
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि राम मंदिर को लेकर कोर्ट के फैसले से मंदिर आंदोलन को वैधानिकता मिली। कहा कि अब केवल लैंड डिस्प्यूट है। इसके समाधान के लिए बातचीत चल रही है। सरकार की किसी मध्यस्थता पर वह कोई वक्तव्य नहीं दे सकतीं।
उन्होंने कहा कि गंगा मॉडल तैयार होने के बाद सरयू, गोमती, रामगंगा आदि पर भी काम होगा। वे चैत्र रामनवमी पर अयोध्या में दर्शन-पूजन से पहले सर्किट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहीं थीं।
उमाभारती ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को लेकर चुप्पी के सवाल पर कहा कि वह लंबे समय तक इसके आंदोलन से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद आंदोलन और उसमें शहादत देने वाले वैधानिक हुए। अब केवल लैंड डिस्प्यूट है। कोर्ट के बाहर सेटेलमेंट की बात है।
कहा कि कोर्ट ने भी कहा है कि आउट आफ कोर्ट इसका प्रयास किया जा सकता है। बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों के बयान सकारात्मक हैं। सरकार की किसी मध्यस्थता के सवाल पर उनका कहना था कि वह इस पर वक्तव्य नहीं दे सकतीं लेकिन इसे समाधान की ओर ले जाना चाहिए।
'कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन की स्थिति नहीं बनी'
मंदिर में जल चढ़ातीं उमा भारती
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कहा कि उन्होंने तो सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से भी बातचीत की पहल के लिए कहा था। कोर्ट के फैसले के बाद फिर आंदोलन की स्थिति नहीं बनी।
गंगा सफाई पर कोर्ट की टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अक्तूबर 2016 में इसका पहला परिणाम आएगा। इसके चार साल बाद और सात साल बाद दूसरे और तीसरे परिणाम दिखेंगे।
अयोध्या में विकास की बाबत उनका कहना था कि गंगा मॉडल तैयार होने के बाद सरयू, गोमती, रामगंगा आदि पर भी काम होगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर पर राजनीति संबंधी बसपा प्रमुख मायावती की टिप्पणी को याद दिलाए जाने पर उनका कहना था कि यदि उन्होंने ऐसा कहा है तो डॉ. अंबेडकर की महत्ता कम की है। बाबा साहब का नाम लेना सबका अधिकार है।
असम की तरह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा सामने लाने के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार किया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के आपराधिक छवि के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वाले पूर्वाग्रहित हैं।