बदहाल कानून व्यवस्था के कारण अखिलेश सरकार पर जबरदस्त हमला करते हुए उमा ने इसे बेहद शर्मनाक करार दिया और भाजपा नेताओं की हत्या पर भी सीएम को घेरा।
जब उत्तर प्रदेश में सांसद ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनमानस की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
यह राज्य सरकार के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने की बात है। मुख्यमंत्री से वार्ता करने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
यह बात ललितपुर के पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्धार मंत्री उमा भारती ने कही।
यूपी में बचाया जाता है अपराधियों को
प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हत्यारों, बलात्कारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जगह उन्हें बचाया जा रहा है।
कभी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तो कभी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बलात्कारियों के पक्ष में बोलते हैं। जिस कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
अब तो भाजपा नेताओं पर हमले शुरू हो गए हैं। पहले नोएडा में विजय पंडित की हत्या हुई। उसके बाद फतेहपुर सांसद साध्वी निरंजन ज्योति पर हमला हुआ।
जब सांसद को गोली मारी जाने लगे तो राज्य सरकार के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने की बात है। झांसी संसदीय क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं से चुनावी रंजिश निकाली जा रही है।
उमा खुद मिलेंगी अखिलेश से
उमा ने कहा कि सोमवार को शीर्ष स्तर के नेता प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मंथन करेंगे। चूंकि कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। इसलिए वे खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बिगड़ी कानून व्यवस्था के संबंध में बात करेंगी।
उन्होंने बसपा व सपा के नाराज विधायकों के संपर्क में होने की बात फिर से दोहराई।
उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी, तो सड़क पर उतरकर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।