लखनऊ। राजधानी के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की अल्ट्रासाउंड मशीन ठप हैं। इससे मरीजों को निजी केंद्र पर जाकर महंगे शुल्क पर जांच करानी पड़ रही है।
कंपनी ने मशीनों को मरम्मत के लायक नहीं बताया है। ऐसे में अब नई मशीनें आने पर ही अल्ट्रासाउंड जांच शुरू हो सकेगी।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में मिलाकर 20 सीएचसी हैं। काफी संख्या में मरीज इनमें आते हैं। इन सीएचसी में से अलीगंज, एनके रोड, रेडक्रॉस, चिनहट, इंदिरानगर, बेहटा और मलिहाबाद की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई है। इनकी मरम्मत के लिए कंपनी से संपर्क किया गया, लेकिन उसने इन्हें काफी पुरानी बताते हुए मरम्मत करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अभी कुछ समय तक जांच की व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद भी नहीं है।
सात टेक्नीशियनों के जिम्मे 13 मशीनें
इस समय 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 13 में ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा है। हालांकि, इनके लिए भी सात रेडियोलॉजिस्ट ही हैं, जिससे मरीजों को समस्या हो रही है। सबसे ज्यादा मुसीबत गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। इन्हें भी निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। सीएमओ के मुताबिक पुरानी मशीनें मरम्मत के लायक नहीं हैं। नई अल्ट्रासाउंड मशीनों के लिए विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है।