विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले सावधान हो जाएं।
यूजीसी नेट के फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाना अब आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने यूजीसी से अनुरोध किया है कि नेट के प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन डाला जाए।
ताकि भार्तियों से पहले आसानी से प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा सके।जानकारों की मानें तो यूजीसी इस पर काफी हद तक सहमत हो गया है। यूजीसी नेट प्रमाण पत्रों को जैसे ही ऑनलाइन करेगा वैसे ही प्रमाण पत्रों के मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जौनपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में भर्ती हुए 138 शिक्षकों के नेट प्रमाण पत्रों में करीब 100 के फर्जी पाए गए हैं। इस धोखाधड़ी से शासन से लेकर प्रशासन तक हिल गया है।
शासन चाहता है कि डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती से पहले उनके नेट प्रमाण पत्रों का मिलान करा लिया जाए। इसलिए यूजीसी से अनुरोध किया गया है कि वह नेट का प्रमाण पत्र जारी होने के बाद इसे विभागीय वेबसाइट पर डाले।
बताया जाता है कि यूजीसी शीघ्र ही नेट प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।