लखनऊ। माल के नबीपनाह गांव में शुक्रवार दोपहर निर्माणाधीन मकान में बने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे दो मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुट गया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे। उपजिलाधिकारी अंकित मौर्य ने मृतकों के परिजनों को उचित सहायता राशि दिए जाने की बात कही है।
नबीपनाह निवासी रमेश सिंह का मकान काफी समय से बन रहा है। इसमें 15 फीट गहरा सेप्टिक टैंक बनाया गया था, जिसका कीचड़ साफ करने के लिए गांव के मजदूर राजेश (26) और रिंकू (34) उतरे थे। सफाई के दौरान जहरीली गैस से दोनों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी पर पुलिस, उपजिलाधिकारी अंकित मौर्य और तहसीलदार केशव सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया, जहां इन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सीएचसी के डॉ. वसीम खान ने बताया कि जहरीली गैस से मौत होने की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वजह साफ होगी।
उधर, राजेश और रिंकू की मौत की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। राजेश के परिवार में मां श्यामा, पत्नी सरोजनी व बच्चे अयांश (7) और परी (6) हैं। रिंकू के परिवार में मां कांति, पत्नी रिंकी और बेटा कार्तिक (3) है।
तालाब पाटकर बनाया गया था सेप्टिक टैंक
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब को कूड़े से पाटकर तीन महीने पहले 15 फीट गहरा सेप्टिक टैंक बनाया गया था। रिंकू के चचेरे भाई अशोक कुमार ने बताया कि कीचड़ साफ करने के लिए पहले राजेश टैंक में उतरे। कुछ देर तक कोई आहट न होने पर रिंकू भी उतर गया। कुछ देर बाद दोनों को आवाज दी गई, पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
टैंक में डाली नीम की पत्तियां, फिर निकाले गए शव
ग्रामीणों ने बताया कि टैंक में जहरीली गैस थी, इसलिए पहले नीम की पत्तियां डाली गईं और चूना छिड़का गया। फिर पुलिस ने रस्सा मंगवाया और गांववालों की मदद से शव सेप्टिक टैंक से निकाले। इसमें 45 मिनट लग गए।
लापरवाही : सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम
ग्रामीणों ने बताया कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सेप्टिक टैंक में उतार दिया गया। मृतक के परिजनों का कहना था कि गृहस्वामी की लापरवाही से उनके परिवार का सहारा छिन गया।
रिंकू व राजेश।
रिंकू व राजेश।
रिंकू व राजेश।
रिंकू व राजेश।