साइबर क्राइम थाना की टीम ने फर्जी ई-रवन्ना बनाकर खनन विभाग को 200 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले अयोध्या नगर कोतवाली के अकब बजाजा निवासी शिवांशु रस्तोगी और प्रयागराज के घूरपुर मनकवार के जीवनलाल सिंह उर्फ बबलू सिंह को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। साइबर क्राइम के एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि खनन विभाग के खनन अधिकारी सुभाष रंजन ने साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। छानबीन में खुलासा हुआ कि शातिर खनन विभाग से मिलते-जुलते नाम की वेबसाइट बनाकर ई-रवन्ना तैयार करते थे। इस मामले में अखिलेश प्रताप सिंह और सचिन सिंह को पहले गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सुधांशु और जीवनलाल सिंह ठगी के इस बड़े नेटवर्क का एक हिस्सा मात्र हैं। सुधांशु फर्जी ई-रवन्ना के क्यूआर कोड स्कैन करने का काम करता था जबकि जीवनलाल सिंह के बैंक खाते में रुपयों का आदान-प्रदान होता था। उसके खाते की पड़ताल की गई तो कुछ ही दिन में 25 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली। फिलहाल, उसका खाता सीज करा दिया गया है। एसपी के मुताबिक, फर्जी वेबसाइट बनाकर ई-रवन्ना जारी करने वाले गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं। इसमें खनन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं। अभी साइबर क्राइम थाना की टीम फर्जी वेबसाइट बनाने वाले के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। जल्द इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड समेत कई बड़े लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। एसपी ने बताया कि इस मामले में हजरतगंज स्थित खनिज भवन में तैनात खनन अधिकारी सुभाष रंजन ने साइबर क्राइम थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। पकड़े गए लोगों के पास से फर्जी वेबसाइट लॉगइन करने के लिए इस्तेमाल मोबाइल फोन और एक बैंक की पासबुक बरामद हुई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अजीत कुमार यादव, आरक्षी धनीश यादव, शिवम यादव और विवेक सिंह शामिल थे।