आगरा निवासी एक युवक की तबीयत कोरोना रिपोर्ट अलग-अलग जांच में 72 घंटे के अंदर दो बार निगेटिव व दो बार पॉजिटिव आने के बीच खराब हो गई। भर्ती के लिए वह कोविड कंट्रोल रूम से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक को फोन लगाता रहा, मगर कोई मदद नहीं मिली।
युवक के अनुसार बुखार, गले में संक्रमण तेज होने के साथ सांस फूलने की शिकायत होने की वजह से उसने चार बार अपनी जांच कराई। इसमें दो बार निगेटिव और दो बार पॉजिटिव रिपोर्ट आई। हालत खराब होने की वजह से वह भर्ती के कोशिश करता रहा। पर उसे सफलता नहीं मिली।
जांच में गड़बड़ी करने की कुछ शिकायत मिली है। हमारी टीम इस पर काम कर रही है। पिछले 15 दिनों में कई लैब इसी गड़बड़ी के चलते सील भी किए जा चुके हैं। कोई भी मरीज या उसके तीमारदार स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करेंगे तो उनकी पूरी मदद की जाएगी।
-डॉ. एमके सिंह, एसीएमओ, लखनऊ।
सिविल में चार बजे ही बंद हो गई जांच
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में मंगलवार को कई घंटे तक लाइन में लगे रहने के बाद भी जांच न करा पाने की वजह से परेशान होकर एक व्यक्ति बेहोश होकर गिर पड़ा। जांच कराने आए लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी समय से पहले ही जांच बन्द करके चले गए थे। वहीं सीएमएस डॉ. एसके नंदा का कहना है कि कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि कुछ लोग लाइन में अव्यवस्था पैदा कर रहे थे। उनको समझाने बुझाने पर वह लोग हंगामा करने लगे। मौके पर कोई भी व्यक्ति बेहोश नहीं हुआ था।