मिनहाज अहमद के घर से कुछ दूरी पर पंचर बनाने वाले दानिश ने गिरफ्तारी के दूसरे दिन कई राज उगले। उसने कहा कि रविवार सुबह शाहिद उनके पास पहुंचा था। उसने अपनी गाड़ी पंचर होने की बात कही। उसे साथ लेकर गैराज में गया।
काकोरी के दुबग्गा बेगरिया में अलकायदा आतंकवादी मिनहाज और उसके करीबी शाहिद को एटीएस ने पकड़ लिया है। एटीएस की कार्रवाई की भनक दोनों को लग गई थी। शनिवार शाम से एटीएस व क्राइम ब्रांच ने मिनहाज व शाहिद के घर पर निगरानी रखनी शुरू कर दी थी। लगातार अंजान लोगों की आमद देख दोनों को संदेह हो गया था। रविवार सुबह भागने की पूरी तैयारी कर चुके थे। लेकिन उनकी गाड़ी पंचर हो गई थी। गैराज में ही उसने घर के पास रहने वाले कारीगर को बुलाकर टायर सही करवाया। रूपये के लेनदेन को लेकर उससे कुछ कहासुनी हो गई। इसी कारण दोनों को भागने का मौका नहीं मिल सका। इसी बीच एटीएस ने पूरे इलाके को घेर लिया।
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अलकायदा के आतंकवादी मिनहाज अहमद के घर से कुछ दूरी पर पंचर बनाने वाले दानिश ने गिरफ्तारी के दूसरे दिन कई राज उगले। उसने कहा कि रविवार सुबह शाहिद उनके पास पहुंचा था। उसने अपनी गाड़ी पंचर होने की बात कही। उसे साथ लेकर गैराज में गया। जहां उसने पंचर टायर बदलवाया। इसी दौरान एक रिम भी खराब दिखी तो पंचर टायर के रिम को बदलने को कहा। इसी बीच करीब 9 बज गये थे। दानिश ने पंचर बनाने व रिम बदलने के लिए 2500 रुपये की मांग की । इस बात पर शाहिद और दानिश के बीच कहासुनी होने लगी।
मिनहाज को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने दानिश को कुछ देर बाद रुपये लेने के लिए कहा। दानिश वहां से चला गया। दानिश के मुताबिक उसके कुछ देर बाद शाहिद भी घर से निकला था। लेकिन करीब आधे घंटे बाद उसे कुछ लोग अपने साथ चार पहिया गाड़ी से लेकर पहुंचे। इसी बीच एटीएस के कमांडो व भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई। जिसके बाद से पूरा इलाका घेर लिया गया था। सोमवार को मिनहाज के कार के बारे में पुलिस व एटीएस की टीमें पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक मिनहाज की कार की लोकेशन राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में मिली है। इसकी पुष्टि के लिए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एटीएस फुटेज के आधार पर कार की हर गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। वहीं शहर से बाहर निकलने वाले हर टोल प्लाजा पर गाड़ी नंबर भेजकर इस बात की जानकारी हासिल की जा रही है कि कितनी बार शहर से गाड़ी बाहर गई है।
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आसपास के लोगों के मुताबिक मिनहाज घर से अक्सर देर शाम को निकलता था। ज्यादातर वह अपने घर में ही रहता था। कुछ ही लोगों से उसका मिलना जुलना था। वह अक्सर घर के अंदर जाने वाले लोगों से ही बातचीत करता था। सड़क पर किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं करता था। कब घर से निकलता था कितनी देर में वापस आ जाता था। इसके बारे में किसी को भनक भी नहीं लगती थी। हालांकि शाहिद गैराज का काम करता था। जिसके कारण वह आसपास के कुछ लोगों से बातचीत करता था। पड़ोसी आलम के मुताबिक शाहिद के व्यवहार से ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी ऐसी गलत गतिविधियों में शामिल हैं। मिनहाज के बारे में उसे कोई खास जानकारी नहीं है।
मिनहाज से कोई सरोकार नहीं
अलकायदा के आतंकवादी मिनहाज के पड़ोसी शाहिद की पत्नी राजिया है। राजिया के मुताबिक उसके परिवार का मिनहाज से कोई सरोकार नहीं है। कोई लेनादेना नहीं है। वह पड़ोसी होने के कारण बातचीत करते थे। इसके अलावा कुछ नहीं जानती है। शाहिद किसी गलत कार्यों में शामिल है। इसके बारे में उसे भरोसा नहीं हो रहा है। मिनहाज का परिवार भी सीधा-साधा है। पता नहीं कैसे क्या हो गया। इस बारे में कुछ नहीं कह सकती हूं। जो भी पुलिस बता रही है गलत है। ऐसा कुछ नहीं है। सिर्फ फंसाया जा रहा है।