लखनऊ। लिफ्ट देने के बहाने से फतेहपुर जाफरगंज निवासी फोटोग्राफर रोहित को बंधक बनाकर लूटने वाले दो किशोरों को नाका पुलिस ने पकड़ा है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लूट की जगह डकैती की धारा की बढ़ा दी है।
डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने बताया कि रोहित 14 जनवरी को कैमरा ठीक कराने के लिए हजरतगंज नाजा मार्केट आए थे। शाम करीब 6:30 बजे वह चारबाग बस स्टेशन के पास फतेहपुर जाने के लिए सवारी का इंतजार कर रहा था। तभी कार सवार छह लोग पहुंचे और उन्हें फतेहपुर तक लिफ्ट देने की बात कहकर बैठा लिया।
कुछ देर जाने के बाद बदमाश, लूटपाट करने लगे तो उन्होंने विरोध किया। बदमाशों ने आंख पर पट्टी बांध दी। बदमाशों ने उनसे कैनन, निकॉन कंपनी के दो कैमरे, मोबाइल फोन और 13 हजार रुपये लूट लिए। रात करीब साढ़े आठ बजे चारबाग के पास बदमाशों ने उन्हें कार से उतार दिया। पांच दिन तक नाका पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। शनिवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। कैमरों की फुटेज व सर्विलांस की मदद से बुधवार को दो किशोरों को पकड़ा। इनके पास से एक कैमरे का बैग, 300 रुपये, एक मोबाइल फोन, कैमरा का पट्टा और घटना में प्रयोग की गई कार बरामद की।
मौज मस्ती व नशे के लिए करते थे लूट
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों किशोरों ने बताया कि उनके गैंग में 6-7 लोग हैं। वह लोग राहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाकर लूटपाट करते थे। लूट का सामान बेचकर मिले रुपये से वह नशा और मौज मस्ती में उड़ा देते थे।