आवारा पुशओं के आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार भले कितने भी दावे कर ले, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधान नहीं दिख रहा। सोमवार को गोंडा में दो छात्रों को सांड ने दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए वे गड्ढे में कूद गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
बताया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरा पदुम की दो दोपहर एक बजे स्कूल बंद होने के बाद घर जा रही थी। रास्ते में उन्हें एक छुट्टा सांड ने दौड़ा लिया। सांड के आक्रामक होने से सहमी छात्राएं कुछ दूर तक भागीं, लेकिन दहशत में जान बचाने के लिए दोनों एक गड्ढे में छलांग लगा दीं। गड्ढा गहरा था और उसमें पानी भरा था, जिसमें दोनो छात्राएं डूब गईं और उनकी मौत हो गई। दोनों की मौत से गांव में कोहराम मचा गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर महाबीर सिंह ने बताया सपना (13) कक्षा 8 में व रागिनी (11) उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह की छात्रा थीं।
गड्ढे में कूदने के बाद बच्चों ने शोर मचाकर गांव वालों को बुलाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती काफी देर हो चुकी थी। गांव के लोगों ने किसी तरह दोनों को निकाला। पानी से बाहर निकालने के बाद देखा कि दोनों बालिकाओं की मौत हो चुकी है।
बताया जा रहा है गड्ढा गहरा होने और पानी अधिक भरा होने से दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनो के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीओ के अनुसार दोनों बालिकाओं के शवों का पंचनामा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवारीजनों के तहरीर पर नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बेटियों से थी उम्मीद, मौत से परिवार में शोक
दोनों परिवार को बेटियों से काफी उम्मीदें थीं। कक्षा आठ में पढ़ रही सपना के पिता ठाकुर प्रसाद तो बेटी की मौत की खबर से गश खाकर गिर गए। होश में आए तो बस बेटी को परिवार की रोशनी बताकर रोते रहे। हर किसी से कहते कि कह दो कि यह झूठ है। इसी तरह कक्षा 6 की छात्रा रागिनी के पिता रक्षाराम का भी बुरा हाल था। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी आगे जाती और परिवार का नाम रोशन करती। इसके आगे वह कुछ बोल ही नही पाते। रो-रो कर बुरा हाल था।
शिक्षा अधिकारियों ने जताया शोक
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं की मौत पर शोक जताया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीराम सिंह ने कहा कि हादसे से उन्हें काफी दुख हुआ है। स्कूल के शिक्षक बताते हैं कि दोनो छात्राएं काफी प्रतिभावान थीं। उन्होंने परिवार को हिम्मत से काम लेने को कहा।
खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्त ने कहा कि स्कूल बंद होने के बाद हादसा गांव की रोड पर हुआ है। यह काफी दुखद है। बेटियों की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। गांव के लोग ऐसे मामलों पर सजग रहें। शिक्षक संघ के नेता वीर विक्रम सिंह, अशोक पांडे, आनंद त्रिपाठी, अनूप सिंह, वीरेन्द्र मिश्र, रवि सिंह, विनय तिवारी आदि ने शोक जताया। कहा कि छुट्टा जानवरों पर रोक लगाने के ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।