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नो एंट्री में घुसे ट्रक ने ली सो रहे दो दुकानदारों की जान

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सड़क दुर्घटना - फोटो : अमर उजाला
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चौक थानाक्षेत्र के कोनेश्वर चौराहे पर मंगलवार सुबह नो एंट्री में बेकाबू ट्रक ने बेंच पर सो रहे दो रंग दुकानदारों की जान ले ली। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक ने कार को टक्कर मारी और डिवाइडर से जा टकराया। आक्रोशित लोगों ने ट्रक चालक को दबोचकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।
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क्षेत्राधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी के मुताबिक, आरोपी चालक फिरोजाबाद का तेज कुमार है। वह परचून का सामान रकाबगंज में उतारने के बाद अपने घर लौट रहा था। चालक को झपकी आने से हादसा हुआ है।

क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, कोनेश्वर चौकी के पास फु टपाथ पर रंग व पिचकारी की दर्जनों दुकानें लगी हैं। दुकान मालिक गिरीश शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब छह बजे नो एंट्री में घुसे एक ट्रक ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी स्थित शास्त्रीनगर निवासी महादेव (23) और गोंडा के करनैलगंज स्थित गांधीनगर निवासी दिलीप कुमार बाथम उर्फ राजन (34) को रौंद दिया।
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दोनों देर रात दुकान बंद करने के बाद बेंच पर सो रहे थे। भागने के चक्कर में ट्रक चालक एक  कार से टकराकर डिवाइडर में जा फंसा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर आरोपी को पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया।

वहीं, ट्रॉमा सेंटर ले जाते वक्त दोनों दुकानदारों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे में तीन और लोग चोटिल हो गए। हालांकि, तीनों प्राइवेट अस्पताल में इलाज करने के बाद घर चले गए।

दिसंबर में हुई थी महादेव की शादी
महादेव के माता पिता की मौत हो चुकी है। उसके दो भाई चंद्रभान व भानू हैं। महादेव सबसे छोटा था। उसकी दिसंबर में दिल्ली की नेहा से शादी हुई थी। कुंभ मेले में दुकान समेटने के बाद उसने तीन दिन पहले ही कोनेश्वर चौराहे पर दुकान लगाई थी।

त्योहार पर बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
दिलीप के परिवार में पत्नी गीता, दो बच्चे कनक व अर्पित हैं। दिलीप ने भी कुंभ मेले में दुकान लगाई थी और तीन दिन पहले चौक स्थित डाकघर के पास दुकान लगाई थी। वह बसंतकुंज में रह रहा था।

आर्थिक सहायता दिलाने की सिफारिश
क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवारीजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर चालक तेज कुमार को गिरफ्तार कर ट्रक कब्जे में लिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर परिवारीजनों को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।

परिवारीजनों ने दान कींदोनों की आंखें
महादेव व दिलीप के परिवारीजन दोपहर को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे और चिकित्सकों से बातचीत करने के बाद दोनों की आंखें दान करने का निर्णय लिया। चिकित्सकों ने आंखें सुरक्षित कर परिवारीजनों को अंगदान का प्रमाण पत्र सुपुर्द किया।
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