शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर दो से 99 लाख की ठगी
लखनऊ। साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर डॉक्टर सहित दो लोगों से 99.15 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
विकासनगर के आदिल नगर निवासी मो. मेराज अहमद के मुताबिक, 26 जनवरी को सोशल मीडिया के जरिये उनकी दोस्ती रूस निवासी येलेना से हुई थी। येलेना ने ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया और व्हाट्सएप के जरिये 22 मार्च को स्टॉक एडवाइजर अनूप मेहरा से बात कराई। अनूप ने एस डब्ल्यू एयूबेरी कैपिटल मैनेजमेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी के बारे में बताया। दावा किया कि यह कंपनी सेबी में पंजीकृत है। अनूप के कहने पर उन्होंने कंपनी का एप डाउनलोड कर लिया। 26 मार्च से 21 मई तक 17 लाख निवेश किए। यह रकम दोनों ठगों ने हड़प ली।
गोमतीनगर विस्तार स्थित मलेसेमऊ निवासी सिरीश भार्गव के मुताबिक सात अप्रैल को व्हाट्सएप पर 6118- वेंचुरा सिक्योरिटीज वीआईपी स्ट्रेटजी ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में ट्रेडिंग संबंधी जानकारी दी जाती थी। ग्रुप की कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव अनाहिता मेहता ने एप डाउनलोड कराया। सिरीश ने ग्रुप में स्टॉक एक्सपर्ट भारत के कहने पर विभिन्न कंपनियों में 16 अप्रैल से 11 मई तक 82.15 लाख रुपये निवेश कर दिए। एप में मुनाफा दिखने पर रकम निकालनी चाली तो असफल रहे। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि पीड़ितों ने रकम जिन खातों में ट्रांसफर की है। उसकी जांच की जा रही है।
डीलरशिप के नाम पर 11.73 लाख की ठगी
आलमबाग के गढ़ी कनौरा निवासी कारोबारी रामजी अवस्थी ने साइबर क्राइम थाने में 11.73 लाख की ठगी का केस दर्ज कराया है। रामजी के मुताबिक सोशल मीडिया पर कैंपा कोला की डीलरशिप के लिए सर्च किया था। छह मई को उनके पास कॉल आई। फोनकर्ता ने डीलरशिप की आवेदन प्रक्रिया बताते हुए सभी दस्तावेज मेल करने की बात कही। इसके बाद उन्हें निशा ने कॉल की और औपचारिकताओं व सिक्योरिटी मनी के तौर पर 11.73 लाख जमा करा लिए। पर डीलरशिप नहीं मिली।