लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में स्थित ट्रैवल कंपनी के माध्यम से मलेशिया में नौकरी करने गए बाराबंकी निवासी अबू शहमा और उसके चचेरे भाई जीशान को वहां बंधक बनाकर 70 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। अबू के पिता ननकू ने ट्रैवल एजेंसी संचालक दानिश और मोनिश पर फर्जीवाड़ा कर बेटे और भतीजे को फंसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह का कहना है कि ट्रैवल एजेंसी के दो संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें पकड़ लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ित ननकू चूड़ी बेचने का काम करता है और बाराबंकी के चिरा खजरी गांव में रहता है।
वह कई दिन से अपने बेटे अबू शहमा को विदेश में नौकरी के दिलाने की कोशिश कर रहा था। पड़ोसी गांव में रहने वाले घंटो बढ़ई ने उसे गाजीपुर थाना क्षेत्र के आर्यावर्त कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रैवल एजेंसी के बारे में जानकारी दी। उसका कहना था कि एजेंसी संचालक दानिश और मोनिश विदेश में नौकरी दिलवाने का काम करते हैं।
वह घंटो बढ़ई और पंडित अहिबरन प्रधान के साथ ट्रैवल एजेंसी के कार्यालय पहुंचा और बेटे अबू के अलावा भतीजे जीशान के लिए नौकरी की बात की। वहां दानिश और मोनिश ने मलेशिया की एक कंपनी में नौकरी की बात कहते हुए उनसे 2 लाख रुपये की मांग की। ननकू ने रुपये उन्हें दे दिए, जिसके बाद 14 फरवरी को दोनों को मलेशिया भेज दिया गया।