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बालिका गृह में लड़की के गर्भवती होने पर दो नर्स निलंबित

Sun, 10 Apr 2016 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मोतीनगर स्थित राजकीय बालिका गृह में एक और लड़की के गर्भवती होने के मामले में बालिका गृह की दो नर्सों हिना मेरी पाल व ऊषा वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
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जबकि बालिका गृह की संविदा पर तैनात नर्स प्रीति मिश्रा की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। चीफ प्रोबेशन आफिसर डीबी गुप्ता को जांच अधिकारी बनाया गया है।

यह जानकारी महिला कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सैय्यदा शादाब फातिमा ने रविवार को पत्रकारों को दी हैं। उन्होंने बताया कि बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं बताने के आरोप में नर्सों को निलंबित किया गया है।
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उन्होंने कहा कि जिस लड़की के गर्भवती होने की जानकारी मिली है, उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पॉस्को एक्ट के तहत 14 मार्च को ही बालिका गृह में दाखिल कराया था, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने लड़की के आयु संबंधी प्रमाण पत्र नहीं दिया था। इस मामले की भी जांच कराई जा रही है।

किसी लड़के के साथ संबंध में थी लड़की

उन्होंने बताया कि बालिका गृह में रहने वाली सभी लड़कियों की उम्र 18 साल से अधिक है। इस लड़की की भी उम्र 20 साल के करीब होगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि लड़की का किसी लड़के से संबंध था और वह कालेज जाने के दौरान ही उससे मिलती थी। इसलिए यह कहना गलत है कि बालिका गृह के भीतर की घटना है।

फातिमा ने बताया कि आगे से इस तरह की घटना न हो, इसके लिए बालिका गृह से बाहर पढ़ने जाने वाली लड़कियों के स्कूल वैन की सुविधा मुहैया करायी जाएगी। साथ ही बालिका गृह में सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाने को कहा गया है। सुरक्षा कर्मियों में महिला सदस्य भी रहेंगी।

महिला कल्याण मंत्री ने बताया कि मंद बुद्धि व पॉस्को एक्ट के तहत बालिका गृह में आने वाली लड़कियों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी बालिका गृहों में की जाएगी।
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आगे की पढ़ाई जारी रखने को चिंतित हैं लड़कियां

महिला कल्याण मंत्री ने बाल कल्याण आयोग की अध्यक्ष के बयान को उनका निजी बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि जूही सिंह ने बालिका गृह की व्यवस्था को लेकर जो आरोप लगाया है. उसकी भी जांच कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि वो खुद रविवार को प्रमुख सचिव महिला कल्याण मोनिका एस गर्ग और निदेशक महिला कल्याण ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी केसाथ बालिका गृह का निरीक्षण करने पहुंची थीं, जहां सभी लड़कियों से बातचीत भी की गयी।

लड़कियों ने सिर्फ अपनी पढ़ाई आगे जारी रखने को लेकर चिंता जतायी है। बालिका गृह के प्रबंधन के बारे में लड़कियों ने कोई शिकायत नहीं की।
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