हनुमान सेतु के पास गोमती नदी पर ग्रीन कॉरिडोर के बनने के साथ ही ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर बदला हुआ मिलेगा।
जहां दो नए पुल मेट्रो लाइन के समानांतर यहां बनाए जाने के लिए नए डिजाइन में शामिल किए गए हैं।
वहीं, मौजूदा जुड़े हुए पुलों को ग्रीन कॉरिडोर का भाग बनाकर नए सिरे से पूरी क्रॉसिंग विकसित की जाएगी। यह पूरा भाग एक सुपर-स्ट्रक्चर के रूप में तैयार किया जाना है।
ग्रीन कॉरिडोर के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो लाइन के होने से यह सेक्शन शुरू से ही चुनौती बना हुआ था।
सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ट्रैफिक को बिना प्रभावित किए काम कराया जाए। ऐसे में जिस डिजाइन को डीपीआर में शामिल करने पर अभी सहमति बनी है।
उसमें मेट्रो लाइन के समानांतर ही दो नए पुल बना दिए जाएंगे। इसके बाद मौजूदा पुलों पर ट्रैफिक बंद कर वाहनों के लिए नए पुलों को खोल दिया जाएगा। मौजूदा पुलों के साथ ग्रीन कॉरिडोर को लिंक करते हुए नए जंक्शन विकसित कर दिए जाएंगे।
भाग-2 में किया जाना है निर्माण
हनुमान सेतु पर यह काम ग्रीन कॉरिडोर के फेज-1 के भाग-2 हार्डिंग ब्रिज से पिपराघाट में किया जाना है। दिसंबर तक इसके लिए डीपीआर भी एलडीए और टाटा कंसल्टेंट्स इंजीनियर्स को फाइनल करनी है। इसके लिए प्रक्रिया एलडीए में कराई जा रही है।
मेट्रो के होने से बन रहा सुपर-स्ट्रक्चर
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि हनुमान सेतु के पास नदी के ऊपर पहले ही पुल बने थे। इसके बाद यहां से मेट्रो लाइन भी पुलों के ऊपर से गुजरी है। ऐसे में अगर मेट्रो के ऊपर से ग्रीन कॉरिडोर गुजरेगा तो लागत बढ़ जाएगी। ऐसे में मेट्रो के समानांतर पुल बनाए जाने के डिजाइन पर काम हुआ।