फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवरब्रिज से गिरकर बाइक सवार दो युवकों की मौत, एक का 11 महीने पहले हुआ था विवाह

Sat, 23 Mar 2019 03:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
विज्ञापन
सतेंद्र और प्रमोद (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

लखनऊ के विभूतिखंड में बृहस्पतिवार रात पिकप भवन के सामने स्थित ओवरब्रिज से नीचे गिरकर बाइक सवार सतेंद्र पांडेय (28) और उसके दोस्त प्रमोद द्विवेदी (26) की मौत हो गई। दोनों होली पर दोस्तों से मिलकर घर लौट रहे थे।

विज्ञापन


ओवरब्रिज के मोड़ पर तेज गति से दौड़ रही उनकी बाइक स्पीड ब्रेकर से उछलकर रेलिंग पर गिरी और दोनों कई फीट नीचे गिर पड़े। दोनों के सिर फट गए व हाथ-पैर और हड्डियां कई जगह से टूट गईं। जानकारी पाकर आई पुलिस दोनों को लोहिया अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि सतेंद्र पांडेय मूलरूप से गोंडा के मनकापुर का रहने वाला था और यहां गोमतीनगर में गुलाम हसन का पुरवा में किराए के मकान में रहकर सीएमएस कंपनी में रिपेयरिंग प्रभारी के पद पर नौकरी करता था।
विज्ञापन


उसका साथी प्रमोद द्विवेदी सिद्धार्थनगर का था। वह यहां इंदिरानगर के सेक्टर-11 में किराए के मकान में रहकर रीयल एस्टेट कंपनी में काम करता था। दोनों के आपस में रिश्तेदार होने की बात भी सामने आई है। होली की शाम दोनों बाइक से दोस्तों के घर गए थे।

तड़पते रहे युवक, तमाशबीन बने रहे लोग

रात करीब 12 बजे फन मॉल की तरफ से दोनों लोहिया अस्पताल जाने वाले ओवरब्रिज पर चढ़े। पुलिस के मुताबिक, बाइक की गति अधिक थी। ओवरब्रिज के ऊपर मोड़ पर स्पीड ब्रेकर से बाइक उछल गई और रेलिंग से जा टकराई। सतेंद्र और प्रमोद ओवरब्रिज से नीचे गिर पड़े जबकि बाइक रेलिंग पर फंस गई।

दोनों को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि युवकों ने हेलमेट नहीं लगाया था। दोनों जमीन पर गिरे और उनके सिर फट गए। अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई। पुलिस को शक है कि युवक शराब के नशे में थे। पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन दोनों के शव लेकर पैतृक स्थान चले गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सतेंद्र और प्रमोद ओवरब्रिज से नीचे गिरने के बाद काफी देर तक तड़पते रहे। इस बीच राहगीरों का मजमा लग गया। यूपी 100 सेवा को फोन से हादसे की सूचना देने के बाद लोग दोनों को अस्पताल ले जाने के बजाए खड़े होकर तमाशा देखते रहे। वहीं, घटनास्थल से पॉलीटेक्निक चौराहा तक जाम लग गया। सड़क के बीच कार और बाइक आड़ी-तिरछी खड़ी करके लोग मौके पर पहुंच गया।
विज्ञापन

एक की शादी की चल रही थी बात

त्यौहार के दिन हादसे में सतेंद्र और प्रमोद की मौत की खबर सुनकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। रात को ही रोते-पीटते परिवारीजन लखनऊ पहुंच गए। सतेंद्र के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पिता हरिशंकर का देहांत हो चुका है।

सतेंद्र की 28 अप्रैल को ही शादी हुई थी। पत्नी मनकापुर स्थित ससुराल में रहती है। सतेंद्र यहां अकेला रहता था। उधर, प्रमोद के भाई पंकज ने बताया कि उसकी शादी की बात चल रही थी। परिवार में उसके अलावा पिता हरिप्रसाद व मां नीलम हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें