परिवहन निगम में ऑपरेशन लापरवाह के दूसरे दिन बुधवार को घोटाला प्रकरण में दो जीएम (प्रधान प्रबंधक) को ‘पैदल’ कर दिया गया।
यानी मलाईदार कुसी छीन ली गई है। दोनों जीएम के महत्वपूर्ण कार्य को तीन जीएम को अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है। परिवहन मंत्री के निर्देश पर प्रबंध निदेशक की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से मुख्यालय में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि प्रावैधिक इकाई में सामग्री खरीद फरोख्त में घपला करने के आरोप में परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने 15 अप्रैल को सीजीएम (तकनीकी) के पद से निरंजन कुमार को हटा दिया था।
निगम के घोटाले की 16 अप्रैल को समीक्षा हुई तो दो अन्य जीएम की कमाऊ कुर्सी चली गई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जेएन सिन्हा जो संविदा कार्मिक एवं अनुशासनिक देखते थे से अधिकार छीन लिए गए।
अब संविदा कार्मिक का कार्य जीएम (कार्मिक) अतुल भारती एवं अनुशासनिक कार्य जीएम (संचालन) एसके बनर्जी देखेंगे।
वहीं प्रावैधिक इकाई में सामग्री खरीद फरोख्त की समिति में बतौर सदस्य रह चुके कार्यकारी जीएम ए रहमान अब सिर्फ लखनऊ सिटी बस ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के प्रबंध निदेशक रहेंगे।
रहमान को भी सामग्री की खरीद फरोख्त इकाई से हटा दिया गया है। रहमान के कार्य को जीएम तकनीकी विवेक माथुर को आवंटित कर दिया गया है।
प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने इस फेरबदल के बुधवार को ही आदेश जारी कर दिए हैं।