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Lucknow News: प्लास्टिक सर्जरी से पहचान छिपाकर लखनऊ में रह रहीं थी उज्बेकिस्तान की दो युवतियां, गिरफ्तार

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लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित न्यू हजरतगंज अपार्टमेंट के कमरा नंबर 527 से दो विदेशी लड़कियां पकड़ी गईं। दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं और यहां अवैध रूप से रह रही थीं। दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक डॉक्टर की मदद से प्लास्टिक सर्जरी कराई थी। सुशांत गोल्फ सिटी थाने के दरोगा महेश कुमार सिंह की तहरीर पर सर्जरी करने वाले डॉक्टर डाॅ. विवेक गुप्ता और शरण्रा देने वाले त्रिजिन राज के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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दरोगा महेश कुमार सिंह के मुताबिक फॉरेनर्स रिजनल रजिस्टे्रशन ऑफिस (एफआरआरओ) की टीम ने न्यू हजरतगंज के कमरा संख्या 527 में विदेशी लोगों के होने की सूचना दी गई थी। बताया गया था ये लोग बिना किसी को सूचना दिए अवैध रुप से धोखाधड़ी करके अपने आर्थिक लाभ के लिये ठहराए गए हैं, जो अवैध गतिविधियो में लिप्त हैं। एफआरआरओ की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारा। फ्लैट में दो विदेशी महिलाएं मिलीं, जो 18 जून से ठहरी थीं। दोनों से पासपोर्ट और वीजा मांगा गया। दोनों ने अपना नाम होलिडा और नीलोफर बताया, लेकिन पासपोर्ट या वीजा के बारे में कुछ नहीं बताया। छानबीन में सामने आया कि दोनों उजबेकिस्तान की रहने वाली हैं। शुरू में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि करीब दो साल पहले उनके पासपोर्ट व वीजा से संबंधित दस्तावेज खो गए थे। इस संबंध में जब पुलिस से शिकायत की कॉपी मांगी गई तो दोनों ने चुप्पी साध लिया।
सख्ती से हुई पूछताछ तो बताया साथियों का नाम

महिला पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। इस पर दोनों ने बताया कि उन्होंने दस्तावेज खोने की शिकायत करने के लिए अपने साथी लोला कायूमोवा व त्रिजिन राज से कहा था। हालांकि, दोनों ने शिकायत की या नहीं, इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। बाद में दोनों ने कहा कि लोला कायूमोवा काफी समय से भारत में रह रही है। लोला के सहयोग से दोनों व अन्य कई युवतियां भारत आई थीं।
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महिला साथी ने ही कराई थी डॉक्टर से मुलाकात
पूछताछ में दोनों ने बताया कि लोला कायूमोवा के माध्यम से उनकी मुलाकात डाॅ. विवेक गुप्ता से हुई थी। डॉ. विवेक पत्रकारपुरम एवं अहिमामऊ में मिनर्वा क्लीनिक के नाम से अस्पताल चलाते हैं। डॉ. विवेक ने ही दोनों की प्लास्टिक सर्जरी की थी। इसके लिए मोटी रकम भी ली थी और उनसे पहचान पत्र नहीं मांगा था। लोला कायूमोवा ने ही उनकी मुलाकात त्रिजिन राज से कराई थी। त्रिजिन ओमेक्स आर 1 में फ्लैट संख्या 104 एवं 1103 में रहता है। त्रिजिन को लोग अर्जुन राणा के नाम से भी जानते हैं। त्रिजिन और डॉ. विवेक ने दोनों को फ्लैट में ठहराया था। मामले की जांच एफआरआरओ की ओर से की जा रही है। डीसीपी निपुण अग्रवाल के मुताबिक दोनों युवतियों को एफआरआरओ की टीम ने अपनी निगरानी में रखा है। पुलिस आरोपी डाॅ. विवेक और त्रिजिन राज की तलाश कर रही है। आरोपियों ने मिलीभगत कर न केवल विदेशी महिलाओं की पहचान छिपाई बल्कि उन्हें अवैध रूप से आश्रय भी दिया।
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