लखनऊ। पुरानी रंजिश के कारण हुए खूनी संघर्ष के दो मामलों में एडीजे रोहित सिंह ने आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें सजा और जुर्माने से दंडित किया।
पहले मामले में, शिवबरन और शिव प्रकाश को हत्या का दोषी पाया गया। उन्हें आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया गया। इस संघर्ष में रामनाथ की गंभीर चोटों से मौत हो गई थी।
दूसरे मामले में, राम आसरे, ताराचंद, हंसा उर्फ हंसराज, नान्हू, सरवन और मनोहर को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी माना गया। उन्हें तीन-तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना से दंडित किया गया। सरकारी वकील ने बताया कि पहली घटना की रिपोर्ट ताराचंद ने 15 अगस्त 2021 को गोसाईंगंज थाने में दर्ज कराई थी। दूसरी रिपोर्ट मन्नालाल ने दर्ज कराई थी, जिसमें लाठी-डंडे और चाकू से हमले का आरोप था।