लखनऊ में मड़ियांव के छठामील के पास सोमवार रात सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मैनेजमेंट छात्र सौरभ सिंह और इंजीनियर आशुतोष सिंह की अर्थी मंगलवार दोपहर एक साथ उठी तो गांववालों की आंखें नम हो गईं। दोनों का एक साथ ही बीकेटी के कठवारा गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, हादसा करके मौके से भागे रोडवेज बस चालक का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। परिवारीजनों ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
मंगलवार दोपहर सौरभ और आशुतोष के शव कठवारा गांव पहुंचे तो आसपास के गांव के लोग इकट्ठा हो गए। सौरभ का घर कठवारा गांव में ही है जबकि आशुतोष खदरा में किराये के मकान में रहता था। दोनों सोमवार रात बाइक से कठवारा जा रहे थे तभी छठामील के पास बेकाबू रोडवेज बस ने उनकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी।
दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि बस चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग निकला था। इंस्पेक्टर राघवन कुमार सिंह ने बताया कि बस चालक को पकड़ने के लिए रोडवेज के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। उधर, गांव में दोनों दोस्तों की अर्थी एक साथ उठी तो माहौल गमगीन हो गया। सौरभ के पिता व कृषि विभाग से रिटायर्ड इंजीनियर ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और मां गीता देवी बेसुध होकर गिर पड़ीं। बड़े भाई विनय और बहू का हाल भी बुरा था। आशुतोष के परिवार में मां मीनाक्षी के अलावा बड़ा भाई दुर्गेश है।
पिता का कई साल पहले देहांत हो चुका है। आशुतोष ने बीटेक किया है और फिलवक्त सहारा होम्स कंपनी में नौकरी कर रहा था जबकि सौरभ बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। आशुतोष और सौरभ रिश्तेदार भी थे। उसकी बहन की शादी सौरभ के बड़े भाई विनय से हुई थी।