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ऑनलाइन कंपनियो को मान बैठा दुश्मन, लूट कर लिया बदला

Tue, 10 May 2016 02:43 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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आशीष और धीरज श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala
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आशियाना पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों का माल लूटने वाले दो बदमाशों को शनिवार रात गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से महीना भर पहले कूरियर डिलीवरी मैन को बंधक बनाकर लूटा माल बरामद हुआ है। 
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अलग-अलग जिलों में कई वारदातें कुबूलने के साथ खुलासा किया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की वजह से धंधा चौपट होने पर उनका माल बुक कराकर लूटना शुरू किया था।

एसओ आशियाना संतोष तिवारी ने बताया कि पुलिस को सेक्टर-एच में तीन मार्च को एक कूरियर कंपनी के डिलीवरी मैन फैजल खान को बंधक बना माल लूटने के मामले में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व अन्य तरीकों से सुराग मिला था। 
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पुलिस ने शनिवार रात शहीद पथ स्थित बिजनौर पुल पर घेराबंदी की गई और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने के वार्ड-16 लोहा पट्टी निवासी आशीष कुमार वर्मा और गाजीपुर के ही दिलदारनगर थाने के वार्ड-3 निवासी धीरज श्रीवास्तव उर्फ गुंजन को गिरफ्तार किया। 

उनके कब्जे से 1.80 लाख रुपये के तीन आईफोन, 20 हजार का एक मोबाइल, फर्जी आईडी, सिमकार्ड, लोहे का पाइप व नायलॉन की रस्सी बरामद हुई। 
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मकान ‌मालिक को थमाई फर्जी आईडी

डेमो
आशीष ने कुबूला कि 28 फरवरी को सेक्टर-एच में रमेश चंद्र सिंह के मकान में कमरा किराए पर लिया। उन्हें 35 सौ रुपये एडवांस देने के साथ फर्जी आईडी थमाई थी।

फर्जी आईडी से खरीदे सिमकार्ड से स्पैनडील कंपनी को कॉल करके अमित अग्रवाल के नाम से तीन आईफोन-6 बुक कराए। कंपनी ने जेवीएस एक्सप्रेस लॉजिस्टिक कूरियर कंपनी से उसका ऑर्डर भेजा और आशीष को कॉल किया। 

डिलीवरी मैन फैजल खान 3 मार्च को कंपनी की ओर से भेजा पैकेट लेकर पहुंचा। पते वाले स्थान पर खंडहर मिलने पर उसने आशीष उर्फ अमित को कॉल की।

उसने सेक्टर-एच स्थित अपने किराए के कमरे पर बुलाया। वहां आशीष व धीरज ने फैजल पर डंडे से हमला किया और रस्सी से बांधने के साथ पीटकर बेहोश कर डाला। 

तीन लाख रुपये कीमत के माल से भरा बैग व जेब से पर्स लूटने के साथ उसे बाथरूम में बंद करके फरार हो गए। एसओ का कहना है कि काफी देर बाद होश आने पर फैजल ने कूरियर फैजल ने कूरियर कंपनी के मालिक उमंग टंडन को कॉल करके वारदात की जानकारी दी।   
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अकेले डिलीवरी मैन को बंधक बनाकर लूट लेते थे माल

डेमो
आशीष ने खुलासा किया कि पिता उमेश चंद्र वर्मा गाजीपुर के प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी हैं। परिवार में संपत्ति के बंटवारे में उसे 40 लाख रुपये मिले थे। 

इससे उसने वाराणसी में लैपटॉप की शॉप खोली। ऑनलाइन कंपनियों द्वारा सस्ते में लैपटॉप बेचने से उसका धंधा चौपट हो गया। वह कर्ज में डूबने लगा और ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों को अपना शत्रु मानने लगा। 

उसने अपने दोस्त धीरज श्रीवास्तव की मदद से स्पैनडील, एमेजॉन व ओएलएक्स कंपनी का माल लूटना शुरू कर दिया। दोनों बदमाशों ने कानपुर, आगरा, वाराणसी, जयपुर, गुड़गांव में कई वारदात कुबूलने के साथ खुलासा किया कि फर्जी आईडी से किराए पर कमरा लेते थे और सिमकार्ड खरीदते थे। 

उसी सिमकार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी को कॉल करके महंगे फोन, लैपटॉप या अन्य वस्तु बुक कराते। कंपनी की ओर से कॉल आने पर धीरज संबंधित कूरियर कंपनी के डिलीवरी मैन पर दूर से नजर रखता था।

दो व्यक्ति नजर आने पर बैलेंस कम बताकर ऑर्डर निरस्त करा देते थे, जबकि  अकेले डिलीवरी मैन को पेमेंट देने के बहाने कमरे में ले जाकर हमला करते और बंधक बनाकर माल लूट ले जाते थे। 
 
एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से लुटेरों की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने आशीष का फेसबुक प्रोफाइल चेक किया। उसमें स्टेटस एनसीआर या जेल में पाए जाने का था।

ऑर्डर बुक कराने में इस्तेमाल सिमकार्ड व मोबाइल केआईएमईआई नंबर की छानबीन विभिन्न जिलों का लोकेशन पाया गया। पता चला कि उन जिलों में भी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का माल लेकर निकले कूरियर कंपनी के डिलीवरी मैन पर हमला करके लूटपाट हुई थी। 

एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का माल लूटने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी पर एसओ संतोष तिवारी, एसआई सचिन गुप्ता, राजेश यादव, कांस्टेबल विमल यादव व सुमित कुमार को शाबाशी दी।
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