बच्चों की मौत पर इकट्ठा हुए ग्रामीण।
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सड़क निर्माण के लिए खोदे गड्ढे में दो बालक खेलते हुए गिर गए। तभी ऊपर से मिट्टी भी भरभराकर दोनों पर गिर गई। इससे दोनों की मिट्टी में दबने से मौत हो गई। बालक पांच घंटे मिट्टी में दबे रहे। सोमवार देर रात बच्चों के वापस घर न आने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की तो घर से 200 मीटर की दूरी पर दोनों बच्चे मिट्टी में दबे मिले। इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बहराइच के फखरपुर के नकौड़ीशाह इटहुवा गांव में लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ठेकेदारों ने जेसीबी से सड़क पटान के लिए मिट्टी की खोदाई करवाई है। इससे 12 फीट तक के गड्ढे सड़क के दोनों किनारे पर हो गए हैं। इसी गड्ढे के पास सोमवार देर शाम को गांव निवासी सोनू (12) पुत्र कल्लू व सुशांत (12) पुत्र माधवराज खेल रहे थे।
अचानक दोनों गड्ढे में गिर गए। तभी ऊपर से मिट्टी भी भरभराकर दोनों बालकों पर गिर गई। इससे दोनों मलबे में दब गए। इस हादसे का किसी को पता नहीं चला। सोमवार रात नौ बजे तब परिवारीजनों ने बालकों के बारे में पूछताछ की। कल्लू और माधवराज ने पुत्र के काफी देर से घर पर न होने की बात कही। इस पर दोनों के परिवारीजन तलाश करते हुए सड़क किनारे पहुंचे तो करार ढहा देखा। सभी ने मिट्टी हटाकर देखा तो दोनों बालक दबे मिले। इस पर कोहराम मच गया।
ग्रामीणों ने बालकों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। दोनों बालक पांच घंटे मिट्टी में दबे रहे। सूचना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष कपिलदेव चौधरी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गांव से 200 मीटर की दूरी पर घटना हुई है।
पीडब्ल्यूडी ने खोदवाया था गड्ढा
थानाध्यक्ष कपिलदेव चौधरी ने बताया कि बच्चों की मौत के मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कराकर केस दर्ज किया जाएगा। एसओ ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। मिट्टी पटान के कार्य के लिए ही गड्ढा खोदवाया गया था।