लखनऊ। बरेली निवासी भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को डिजिटल अरेस्ट करके 1.29 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एसटीएफ ने शनिवार को इकाना स्टेडियम के पास दो जालसाजों को गिरफ्तार किया। आरोपी जालसाजों को अपना खाता कमीशन पर प्रयोग करने के लिए देते थे। दोनों के ही खातों में ठगी की रकम मंगवाई जाती थी।
एएसपी एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के अनुसार शुकदेव नंदी को सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। आरोपियों ने उनको डरा-धमकाकर 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए थे। इस मामले में बरेली साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया था। पांच जुलाई को इस मामले में पुलिस ने चार जालसाजों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि ठगी की रकम पीजीआई वृंदावन योजना रियल एस्टेट कंपनी नारायणी इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और वजीरगंज न्यू बस्ती निवासी महफूज के खाते में मंगवाई गई थी। एसटीएफ की टीम ने शनिवार को प्रदीप को एसटीएफ ने इकाना स्टेडियम और आरोपी महफूज को अयोध्या हाईवे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और क्रिप्टो वैलेट से संबंधित दस्तावेज मिले। आरोपी प्रदीप कुमार सिंह मूल रूप से अयोध्या के बीकापुर खेमासराय गांव का रहने वाला है।