फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौकरी डॉट कॉम के नाम पर करोड़ों की ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। नौकरी डॉट कॉम और मॉनस्टर डॉट कॉम से आवेदकों का डाटा हासिल कर बेरोजगारों को ठगी का शिकार बनाने वाले दो शातिर जालसाजों को साइबर क्राइम सेल ने दिल्ली से दबोचा है। आरोपियों के पास से नकदी, नौ डेस्क फोन, कंप्यूटर, छह डेबिट कार्ड आदि बरामद हुआ है।
विज्ञापन

साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि सआदतगंज के बुनियाद बाग निवासी सैयद इरशाद हुसैन रिजवी जनवरी 2021 में वायरलेस मुख्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। बैंक ऑफ बड़ौदा की चौक शाखा के उनके खाते से करीब तीन माह में 16.61 रुपये किसी ने यूपीआई बनाकर दिल्ली के कुछ बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए थे। पीड़ित ने चौक कोतवाली में दिल्ली के अंकुश गोयल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साइबर सेल को विवेचना मिलने पर जांच की गई।
सर्विलांस व अन्य माध्यमों से जालसाजों का सुराग लगाकर दिल्ली के पहाड़गंज थाना क्षेत्र के झंडेवाला पार्क के पास एक कॉल सेंटर में दबिश देकर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए संदीप कुमार व अमित दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के ही रहने वाले हैं। दोनों के पास से एक लाख पांच हजार रुपये कैश, नौ डेस्क फोन, एक कंप्यूटर, दो डीएल, छह डेबिट कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही इनके गैंग के अन्य जालसाजों की भी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

ऐसे बनाते थे शिकार
लखनऊ। इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि संदीप व अमित अपने साथी कार्तिक कुमार उर्फ कीर्ति निवासी बुराड़ी, दिल्ली और हुसैन संग मिलकर कॉल सेंटर संचालित करते थे। ये लोग नौकरी डॉट कॉम व मोनस्टर डॉट कॉम से बेरोजगारों का डाटा हासिल कर उन्हें फोन कर अच्छी नौकरी का झांसा देते थे। फिर फर्जी नाम-पते के बैंक खातों में रकम जमा कराते थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि सैयद इरशाद हुसैन रिजवी की बेटी ने भी नौकरी डॉट कॉम पर अपना बायोडाटा अपलोड किया था। जालसाजों ने झांसा देकर कुछ रकम जमा करा ली। बाद में उसके मना करने पर कानूनी कार्रवाई का झांसा देकर धमकाया था। इस तरह इरशाद की बेटी से ही उक्त लोगों ने अपने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी।
हजारों बेरोजगारों से ठग चुके करोड़ों
लखनऊ। साइबर क्राइम सेल की गिरफ्त में आए संदीप कुमार व अमित ने पूछताछ में कुबूला कि वे लोग हजारों बेरोजगारों को अच्छी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। नौकरी डॉट कॉम से डाटा हासिल करके ये लोग जिसे भी कॉल करते थे, उसे उसकी योग्यता के अनुरूप नौकरी का ऑफर देते थे। जिस कंपनी या संस्थान में नौकरी का ऑफर देते थे। उससे संबंधित विस्तृत जानकारी, अधिकारियों के नाम व लोकेशन तक बता देते थे। इससे लोग झांसे में आकर इनके जाल में फंस जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें