नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के तहत किरायेदार रखने पर भवनस्वामी को किसी तरह की छूट का लाभ नहीं दिया जाता, बल्कि उसका गृहकर बढ़ जाता है। अधिनियम के तहत यदि मकान 10 वर्ष से अधिक पुराना तो 25 प्रतिशत, 10 वर्ष से अधिक और 20 वर्ष से कम पुराना है तो 12.5 प्रतिशत गृहकर मूल्यांकन बढ़ जाता है। यदि मकान 20 वर्ष से अधिक पुराना है तो कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
...तो प्रभावशाली लोगों को दी गई राहत
गोमतीनगर के जिन मकानों में टैक्स की गड़बड़ी पकड़ी गई, उनमें ज्यादातर प्रभावशाली लोगों के हैं। इनके विरोध और दबाव को देखते हुए निगम प्रशासन ने उन मकानों से बढ़ा टैक्स अप्रैल से शुरू नए वित्तीय वर्ष से लेने का निर्णय लिया है। इससे अब वह टैक्स नहीं जमा करना होगा, जो बीते सालों में जमा करना था। हालांकि नगर निगम के अधिकारी किसी दबाव से इंकार कर रहे हैं।
मामले पर जोनल अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव का कहना है कि जीआईएस सर्वे में जिन मकानों के टैक्स का अंतर पाया गया, उनसे यह अप्रैल 2019 से लिया जाएगा। इसे लेकर प्रस्ताव पास हो गया है।