स्वास्थ्य विभाग ने अब लखनऊ के नए हॉटस्पॉट नक्खास के कटरा आजम बेग में अपनी ताकत झोंक दी है। घने बसे इस क्षेत्र में आठ कोरोना मरीज मिल चुके हैं।
ऐसे में यहां स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। दो दिन में 40 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। 20 टीमें इलाके के हर घर में संपर्क कर रही हैं। इसका मकसद लोगों की जांच करने के साथ यह भी पता लगाना है कि वायरस की चेन यहां कहां से बनना शुरू हुई।
केजीएमयू में तैनात संविदा नर्स के पॉजिटिव आने के बाद उसके परिवार के 10 लोगों के सैंपल लिए गए थे। पहले दिन इनमें से चार और दूसरे दिन मंगलवार को नर्स की मां समेत तीन की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने और सक्रियता बढ़ा दी। टीम स्क्रीनिंग के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ भी कर रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग को कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे में बुधवार से यहां टीमों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
सर्विलांस पर लगे फोन
...ताकि न पड़े सदर की परछाई
नक्खास का कटरा आजम बेग घना बसा हुआ है। करीब 5000 आबादी वाले इस इलाके में मकान एक दूसरे से सटे हैं। एक मकान में तीन से चार परिवार रहते हैं।
ऐसी स्थिति में यहां के हालात काफी हद तक सदर इलाके से मिलते-जुलते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कोरोना के मामले में इस इलाके पर सदर की परछाई नहीं पड़ने देना चाहता। इसके लिए पुलिस की मदद से यहां रहने वाले हर व्यक्ति की कुुंडली खंगाली जा रही है।
पॉजिटिव पाए गए मरीजों के फोन भी सर्विलांस पर लगे हुए हैं। स्टाफ नर्स सहित अन्य लोगों से बात करने वालों से भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूछताछ की। इसके बाद भी अभी तक वायरस का सुराग नहीं मिल पाया है।
रोजाना चार से छह हजार परिवारों की स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग राजधानी में रोजाना चार से छह हजार परिवारों की स्क्रीनिंग कर रहा है। इसके लिए 80 टीमें लगाई गई हैं। ये ज्यादातर हॉटस्पॉट इलाके पर मुस्तैद हैं।
सोमवार को टीम ने रानी खेड़ा दर्जी बगिया, सराय मालिका, कुंदनलाल हाता, भोलानाथ कुआं, पुल गुलाम हाता, शोधी टोला में करीब 4000 परिवारों को कोराना के प्रति जागरूक किया।
वहीं, मंगलवार को चौक और बिरहाना के करीब 5800 परिवारों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान परिवार में किसी के जुकाम, बुखार होने पर उसका नाम नोट कर काउंसलिंग की गई।
नर्स व उसके परिजन कहां से कोरोना की चपेट में आ गए, इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ