राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि देश में सबसे अधिक युवा पूंजी यूपी के पास है, लेकिन उन्हें रोजगार दिलाना एक बड़ी समस्या है। प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में पिछले सत्र में स्नातक करने वाले 15 लाख 16,375 छात्रों को डिग्री दी गई, इसमें 51 प्रतिशत भागीदारी सिर्फ छात्राओं की थी।
प्रदेश में रोजगार के लिहाज से महिलाओं की स्थिति काफी खराब है, इसे सुधारने के लिए कौशल विकास को माध्यम बनाया जाना चाहिए। राज्यपाल ने महिलाओं के लिए भी अलग से विशेष प्रतियोगिता का आयोजन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता की उपयोगिता तभी है, जब युवक खुद में आगे जाने की जिद पैदा करें।
प्रशिक्षण देने वाली कंपनियों का हुआ सम्मान
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग देने वाली प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास भुवनेश कुमार ने सभी प्रतियोगिताओं के बारे में जानकारी दी।
विभागीय मंत्री चेतन चौहान, राज्यमंत्री सुरेश पासी, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के अलावा राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के सीईओ जयंत कृष्णा ने भी यूपी में कौशल विकास के जरिए हो रहे प्रयासों की सराहना की। राज्य कौशल विकास मिशन इकाई के निदेशक प्रांजल यादव ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।